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संगम पर अब भी लाल है गंगा जल

Sat, 29 Nov 2014 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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इलाहाबाद। दारागंज से संगम तक गंगा जल के लाल और बेहद प्रदूषित होने का बड़ा कारण बख्शी बांध स्थित सलोरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का नियमित रूप से संचालन न होना है।
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इसे नियमित रूप से चलाने के बजाए थोड़ी देर चलाकर बंद कर दिया जाता है। यहां से शहर के बड़े हिस्से का बेहद जहरीला पानी सीधे गंगा में छोड़ा जा रहा है। गंगा प्रदूषण याचिका के लिए हाईकोर्ट से नियुक्ति एमिकस क्यूरी अरुण गुप्ता ने शुक्रवार को सलोरी एसटीपी और संगम का निरीक्षण किया तो वहां की स्थिति देख भौचक रह गए। इस दौरान उन्हें संगम पर पानी का रंग भी कुछ लाल दिखा। एमिकस क्यूरी अब वह इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेंगेे। साथ ही केंद्र सरकार और प्रदेश के मुख्य सचिव को भी लिखेंगे।
एमिकस क्यूरी अरुण गुप्ता ने शुक्रवार को दिन में एसटीपी का औचक निरीक्षण किया। हालांकि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों को उनके निरीक्षण की भनक लग गई।
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श्री गुप्ता वहां पहुंचे तो एसटीपी में एक पंप चलता मिला। पूछने पर वहां मौजूद साइड इंजीनियर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि एसटीपी सुबह से चल रहा है लेकिन श्री गुप्ता ने इसकी बारीकी से जांच की तो इकाई का झूठ सामने आया। वहां मौजूद पार्षद विनय कुमार मिश्र एवं पूर्व पार्षद कमलेश सिंह ने भी बताया कि एसटीपी कई-कई दिन तक नहीं चलता और गंदा पानी सीधे गंगा में जाता है। इस दौरान गुप्ता ने प्लांट के अंदर, बाहर की स्थिति देखी। इसमें पता चला कि एसटीपी को उनके आने के कुछ देर पहले ही चलाया गया था। श्री गुप्ता ने एसटीपी चलाने में रोज बिजली और डीजल की खपत के बारे में पूछा तो सहायक अभियंता भैया लाल बगले झांकने लगे। कई लोगों को फोन मिलाने के बाद बताया कि रोज आठ सौ यूनिट बिजली की खपत हो रही है। डीजल की खपत के बारे में एई कुछ नहीं बता सके। इससे भी एसटीपी के नियमित न चलने का संदेह हुआ। श्री गुप्ता ने भी माना कि एसटीपी का संचालन पूरी तरह नहीं हो रहा है।  
इसके बाद श्री गुप्ता संगम पहुंचे। यहां गंगा से लेकर संगम तक पानी अभी कुछ लाल रंग में दिखा। उन्होंने बताया कि सलोरी नाले का पानी भी एसटीपी के बजाए सीधे गंगा में गिर रहा है। उनका कहना है कि काफी दिनों से गंगा प्रदूषण याचिका पर सुनवाई न होने के कारण संबंधित विभागों के अफसर ढीले पड़ गए हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति तब है जब हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को इस पर गंभीरता से काम करने का आदेश दिया है। कहा कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी। केंद्र सरकार के साथ प्रदेश के मुख्य सचिव को भी इस संबंध में लिखा जाएगा।
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