प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के तकरीबन एक हजार पद खाली है, लेकिन उच्च शिक्षा निदेशालय पदों का अधियाचन उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को नहीं भेज रहा है। इसी वजह से रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन भी अटका हुआ है। सिर्फ यही नहीं, पूर्व में आयोग को भेजे गए 534 पदों का अधियाचन भी निदेशालय वापस ले चुका है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने साल भर पहले अशासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 534 पदों पर भर्ती के लिए पदों का अधियाचन उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भेजा था। आयोग विज्ञापन जारी करते, इससे पहले निदेशालय ने पदों का अधियाचन वापस ले लिया और तर्क दिया गया कि भेजे गए पदों में आरक्षण की समीक्षा होनी।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधियाचन दोबारा भेजा जाएगा। साल भर पूरे होने वाले हैं और आरक्षण की समीक्षा अब तक नहीं हो सकी। निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि पुराने 534 पदों से अब कोई लेनादेना नहीं रह गया है। कॉलेजों में रिक्त पदों की दोबारा समीक्षा की गई और अब तकरीबन एक हजार पदों पर भर्ती की तैयारी है। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय जुटा चुका है, लेकिन इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग तभी विज्ञापन जारी कर सकेगा, जब निदेशालय की ओर से पदों का अधियाचन उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को नए विज्ञापन के लिए इंतजार करना होगा।