आखिर अभ्यर्थियों का आंदोलन रंग लाया और उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचएसई) ने विज्ञापन संख्या 47 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा की तिथि घोषित कर दी। परीक्षा 18 नवंबर को आयोजित की जाएगी। हालांकि एमएड वालों को झटका लगा है। उन्हें परीक्षा से बाहर होना पड़ेगा। आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में एमएड और एमए इन एजुकेशन को अलग-अलग मानते हुए एमए इन एजुकेशन के अभ्यर्थियों को अलग से अंक अंकित करने के लिए एक सप्ताह का मौका देने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन संख्या 47 के तहत प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में कुल 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी है। अभ्यर्थियों ने सोमवार को परीक्षा तिथि घोषित किए जाने की मांग को लेकर आयोग में धरना-प्रदर्शन किया था और आयोग के सदस्यों ने आश्वासन दिया था कि मंगलवार को तिथि घोषित कर दी जाएगी। सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार मंगलवार को हुई आयोग की बैठक में निर्णय लिया गया कि विज्ञापन संख्या 47 की लिखित परीक्षा 18 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इसके अलावा आवेदन के दौरान स्नाकोत्तर परीक्षा के कॉलम में जिन अभ्यर्थियों ने एमए इन एजुकेशन के स्थान पर एमएड के अंक अंकित किए थे, उन्हें एमएड के स्थान पर एमए इन एजुकेशन के अंक अंकित करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।
दरअसल, विज्ञापन में दोनों विषयों को एक समान बताया गया था। 35 विषयों में बीएड शामिल नहीं था लेकिन, एजुकेशन का विषय था, सो एमएड वालों ने भी एजुकेशन विषय में भर्ती के लिए आवेदन कर दिए थे। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर दोनों विषयों को अलग-अलग माना गया। बहुत से अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने एमएड के साथ एमए इन एजुकेशन की पढ़ाई भी की है लेकिन आवेदन में उन्होंने एमएड के अंक अंकित किए थे। वे भर्ती से वंचित न हों, इसलिए उन्हें एमए इन एजुकेशन के अंक अंकित करने के लिए एक सप्ताह का मौका दिया जाएगा। भर्ती में बीएड विषय शामिल नहीं है, सो केवल एमएड करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा।