पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे के दो दिन बाद सरदार पटेल संस्थान में आयोजित बसपा के मंडलीय सम्मेलन में पार्टी सर्व समाज को लेकर ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी में है। नेताओं की कोशिश है कि सरदार पटेल संस्थान को खचाखच भर दिया जाए, ताकि सत्ताधारी दल तो भीड़ के जरिए चुनौती दी जा सके। रविवार को कर्नलगंज में विधानसभा इकाइयों के अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक में मंडलीय सम्मेलन की सफलता के लिए पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने ताकत झोंकने का आह्वान किया।
बहुजन समाज पार्टी बहन मायावती के नेतृत्व में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में सर्वसमाज के बूते सत्ता का स्वाद चखने की तैयारी में जी जान से जुटी है। इसीलिए संगमनगरी में पीएम मोदी के महिलाओं से संवाद कार्यक्रम के दो दिन बाद 24 दिसंबर को बसपा ने मंडलीय सम्मेलन आयोजित किया है। इस सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र बहन मायावती के सुशासन के सपने को साकार करने का मंत्र देंगे।
मंडलीय सम्मेलन की तैयारी बैठक में पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ की विधानसभा इकाइयों के अध्यक्षों और प्रभारियों से फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बसपा ही एक ऐसी पार्टी है जो जनता के बीच जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ रही है। यही वजह है कि बसपा के सम्मेलनों में अपार जन समर्थन मिल रहा है। उन्होंने मंडल के सभी विधानसभा अध्यक्षों व प्रभारी प्रत्याशियों से 24 दिसंबर को अलोपीबाग स्थित पटेल सेवा संस्थान में आयोजित एक दिवसीय महासम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर मुख्य सेक्टर प्रभारी डॉ. विजय प्रताप, डॉ. अशोक गौतम, बाबूलाल भंवरा, पूर्व विधायक राजबली जैसल सहित मंडल के 28 विधानसभा क्षेत्रों के अध्यक्ष उपस्थित रहे। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक इस सम्मेलन में भीड़ जुटाने के लिए 1500 चार पहिया वाहन लगाए गए हैं। ताकि, कार्यकर्ताओं को समय से पटेल संस्थान मैदान में लाने के साथ ही उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया जा सके।