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Prayagraj News: प्रतियोगी छात्रों ने शिक्षा निदेशालय घेरा, बोले- हम लाठी खाने को तैयार

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सिविल लाइंस ​स्थित धरना स्थल परपुरानी नियमावली की मांग कोलेकर आमरण अनशन पर बैठेटीजीटी प - फोटो : shiv tripathi
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प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। सोमवार को अनशन के 16वें दिन बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र धरनास्थल पर पहुंचे। करीब चार घंटे तक धरनास्थल पर प्रदर्शन करने के बाद सभी पैदल ही शिक्षा निदेशालय पहुंच गए। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। निदेशालय पहुंचकर अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे।
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सैकड़ों की संख्या में प्रतियोगी छात्र व छात्राएं नारेबाजी करते रहे। हाथों में तिरंगा व गांधीजी की फोटो लेकर अभ्यर्थियों ने कहा, हम पुलिस की लाठी खाने को तैयार हैं, जेल जाने को तैयार हैं लेकिन जब तक हमारी मांग नहीं पूरी हो जाती है तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे।
दरअसल, टीजीटी-पीजीटी के अभ्यर्थी पुरानी नियमावली से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मांग के समर्थन में वह लगातार धरना स्थल पर धरना व अनशन जारी रखे हुए हैं। आंदोलन में शामिल प्रतियोगी छात्र विजय बहादुर गौतम की रविवार को हुई मौत के बाद आंदोलन और तेज हो गया। इसका असर यह रहा कि सोमवार को छात्रों की संख्या ज्यादा हो गई।
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निदेशालय पहुंचे छात्र तो कई अधिकारी निकल गए बाहर

प्रतियोगी छात्र करीब तीन बजे शिक्षा निदेशालय में नारेबाजी करते हुए प्रवेश करते हैं। यहां पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। छात्रों की भीड़ को देखते हुए अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक कामता राम पाल के ऑफिस को बंद कर दिया दिया। छात्र जमीन पर ही बैठकर नारेबाजी करते रहे। छात्रों ने कहा, निदेशालय पहुंचने के बाद विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय छोड़कर चले गए और छात्रों से कोई वार्ता नहीं की गई। नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडे ने कहा कि छात्रों को अब केवल आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि उनके भविष्य से जुड़े इस विषय पर ठोस निर्णय चाहिए।

परिजन को 20 लाख रुपये व नौकरी दे सरकार
प्रतियोगी छात्र विजय बहादुर गौतम के मौत से छात्रों में नाराजगी हैं। आशुतोष पांडेय व शंशाक दुबे ने कहा, मृतक प्रतियोगी छात्र के परिजनों को 20 लाख रुपये सहायता राशि व एक भाई को सरकारी नौकरी दी जाए। मृतक छात्र मूलत: जौनपुर जनपद के मुस्तफाबाद का रहने वाला था। पिता खदेरूराम की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वहीं, अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थी रोशन सरोज, प्रवीण कुमार, शिमला पटेल व मीना देवी भी अस्वस्थ हैं। वह लगातार प्रदर्शन के बीच जमीन पर ही लेटे हुए हैं।

राज्यपाल से गोल्ड मेडल पाने वाली श्रेया भी शामिल

फोटो
श्रेया मालवीय भदोही जनपद की रहने वाली हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल पाने वाली श्रेया अपने पिता शोभाराम के साथ प्रयागराज पहुंची थीं और धरने में शामिल हुईं। श्रेया कहती हैं, हाईस्कूल में वह जनपद की टॉपर थी। जेआरएफ, एसआरएफ व पीएचडी भी कर चुकी हैं। जाॅब नहीं मिली। लगातार प्रतियोगी छात्र यहां धरने पर बैठे हैं, मैं भी इसमें शामिल होने के लिए यहां आई हूं।
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