सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करछना में शुक्रवार को मानदेय की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन दिया। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें मानदेय देने के बजाय कमीशन पर रखा गया है, लेकिन बीते 6 महीनों से वह भी नहीं दिया जा रहा है। समय पर वेतन का भुगतान न होने से उनके सामने आर्थिक स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें ग्रामीण राज्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कहा जाता है। उनसे गर्भावस्था देखभाल, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन परामर्श, गोल्डन कार्ड आयुष्मान कार्ड आभा आईडी सहित अन्य कार्य लिए जाते हैं। कोरोना के दौरान भी लोग अपने घरों में थे। उस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी दायित्व का निर्वहन करते हुए जिम्मेदारी निभाई। उसके बावजूद भी उन्हें मानदेय से नहीं जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहां जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।