गंगा-यमुना का जलस्तर घटने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बाढ़ का पानी निकलने लगा है। हालांकि अब संक्रामक बीमारियों का खतरा खतरा सताने लगा है। इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम ने साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर जिला मलेरिया अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को दो जोन में बांटकर एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए कुल 20 टीमों को तैनात किया है। यह टीमें घर-घर जाकर पानी के ठहराव वाले स्थानों पर एंटीलार्वा का छिड़काव करेंगी।
वहीं डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य बीमारियों से बचाव के लिए नगर निगम की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग करेंगी। आपदा प्रबंधन की तरफ से 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 48 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों और स्वास्थ्य कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी करने को कहा गया है। यह अलर्ट करीब 10 दिन तक जारी रहेगा।
250 घरों में दवाओं का वितरण
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बृहस्पतिवार को छोटा बघाड़ा व बड़ा बघाडा सहित आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के करीब 250 घरों में सर्दी-जुकाम, बुखार, त्वचा रोग व आंख के इन्फेक्शन आदि बीमारियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ टीम के साथ दवा का वितरण किया गया।
जनपद के सभी सीएचसी, पीएचसी व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए हमारी टीम पूरी तरह से तैयार है। - डॉ. संजय बरनवाल, नोडल, जिला आपदा प्रबंधन
डेंगू, मलेरिया सहित मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव शुरू करा दिया गया है। इस काम में 20 कर्मचारियों को लगाया गया है। - आनंद सिंह, जिला मलेरिया अधिकरी