प्रयागराज। कश्मीर से जु़ड़े अनुच्छेद 370 को हटाने पर प्रयागराज में रह रहे कश्मीरियों ने जमकर खुशी मनाई। ऐसा लगा मानो बरसों की मुराद पूरी हुई। बुजुर्गों ने बीते कल को याद किया तो नई प्रीढ़ी ने नए कश्मीर के सपने देखे। हर कश्मीरी के चेहरे पर ऐसी खुशी झलकी कि इजहारे खुशी के लिए शब्द कम पड़ते रहे।
इलाहाबाद कश्मीरी समाज की सचिव और जानी-पहचानी गायिका स्मृति शांगलू ने गुनगुनाते हुए कहा, खुशी मिली इतनी कि मन में समाय। बोलीं, समाज की ओर से हम जाने कितनी बार प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर यह मांग करते रहे हैं यह हमारी दुखती रग है, इस पर कोई पहल करें लेकिन अब जाकर यह परिणाम आया। अब तक हम जब स्वतंत्रता दिवस मनाते तो कश्मीर को लेकर एक टीस होती थी। इस बार जब हम स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे तो एक नया जोश, नया जज्बा होगा। इसलिए कि जिस घर को डर या चाहे जिस कारण से छोड़कर हमारे पूर्वज चले आए, वहां हम दोबारा जा सकेंगे।
इतना ही नहीं हमें अब तक यह भी सोचना पड़ता था डर में वहां रह रहे परिवारों को अपनी बेटी दें या न दें, अब यह भय नहीं रहेगा। भले ही थोड़ा समय और लग जाए लेकिन कल बेहतर होगा।
अब अमरनाथ यात्रा ही नहीं ऐसे तमाम धार्मिक क्रियाकलापों में आजादी मिलेगी। एक ही दिन में सभी में जैसे नई ऊर्जा का संचार हुआ है, हम जल्द ही नए कश्मीर को देखने जाएंगे। फैसले के बाद कश्मीरी समाज के तमाम ऐसे लोग जो सिर्फ नवरेह की बधाइयां दिया करते थे, ने भी खुशी जाहिर की है।
कश्मीरी पंडितों के साथ हुए
अन्याय को अब मिला न्याय
यह फैसला बहुत पहले हो जाना चाहिए था जो अब हुआ है। जब हम यह कहते हैं कि कश्मीर हमारे देश का अभिन्न भाग है तो उसे अलग दर्जा क्यों दिया जाए। वह हमारे देश का हिस्सा है तो जो कानून देश में चलता है, वही वहां भी चलना चाहिए। हम कश्मीरी पंडितों के साथ जो अन्याय हुआ, अब उसका न्याय हुआ है। एक घटना याद आती है, जिस समय वहां पर गड़बड़ियां हो रही थीं, हमारा परिचित एक परिवार वहां से जाने से लिए तैयार हुआ। घर के मुखिया टैक्सी बुलाने गए, लौटे तो संगीन लिए एक आतंकवादी खड़ा था। बोला, जान बचाना चाहते हो तो यहीं से लौट जाओ, जहां तक महिलाओं, बच्चों का सवाल है, वह अब हमारे हैं। उन्होंने रो-रोकर सरकार को हाल बताया, पर कुछ नहीं हुआ। यह घटना अब भी रूह कंपा देती है। यह जो हुआ है, बहुत अच्छा हुआ है।
डॉ.जीके शांगलू, जानेमाने होमियोपैथ
अब जम्मू-कश्मीर का
हो सकेगा समग्र विकास
यह फैसला बहुत ही अच्छा है, जितनी भी तारीफ की जाए, कम है। अब तक वहां जो विकास नहीं हो पा रहा था, अब वहां सबका विकास हो सकेगा। विकास को जो पैसा सिर्फ कश्मीर के नाम पर जा रहा था, अब जम्मू और लद्दाख को भी मिलेगा। कश्मीर देश की मुख्य धारा से जुड़ेगा तो विकास की धारा बहेगी। लद्दाख का भी विकास होगा। कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक रही तो वहां के पर्यटन को भी ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिलेगा।
डॉ.संजीव कुमार हान्डू, एसीएचडी,
डॉ.मंजू लता हांडू, सीनियर डीएमओ,
उत्तर मध्य रेलवे केंद्रीय चिकित्सालय
बहुत बढ़िया निर्णय, अब एक देश, एक संविधान
इतना बढ़िया निर्णय है कि इस बारे में जितना भी कहा जाए, कम ही है। हम सबके लिए बहुत ही खुशी का दिन है। इस दिन का हम सभी को जाने कब से इंतजार था, ऐसा लगता था जैसे यह आस कभी पूरी ही नहीं हो सकेगी, लेकिन आज पूरी हो गई। मेरे माता-पिता जिस कश्मीर से डरकर भागकर आए थे, वह फिर हमारा हो गया। इससे बढ़िया तो कोई बात हो ही नहीं सकती है। अब डर का माहौल खत्म हो गया, अब हमारे जवान मार तो नहीं खाएंगे। अब कश्मीर सचमुच भारत का अभिन्न अंग हो गया। एक देश, एक संविधान लागू हो जाएगा।
पूनम दर, कश्मीरी गुरु