भारतीय सेना को 22 जांबाज हेलीकॉप्टर पायलट मिले हैं। वायु सेना स्टेशन बमरौली के बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल (बीएफटीएस) में 206वें आर्मी एविएटर्स कोर्स के समापन पर इन 22 जवानों ने अपना कोर्स पूरा किया। इन 22 नवोदित उड़ाकों ने पिछले पांच महीनों में इस कोर्स के दौरान कठोर उड़ान और जमीनी प्रशिक्षण यहां प्राप्त किया ।
इस दौरान एयर मार्शल टीडी जोसफ विएम वरिष्ठ वायू कर्मी अधिकारी, मुख्यालय प्रशिक्षण कमान बंगलूरू समारोह के समीक्षा अधिकारी रहे। समापन समारोह पर उनकी अगुवाई बीएफटीएस के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर अमित हरि कुलकर्णी ने की। विदाई समारोह के दौरान उन्होंने सफलता प्राप्त प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया तथा अव्वल आने वाले अधिकारियों को ट्राफी से सम्मानित किया।
लेफ्टिनेंट शुकरदीप सिंह स्गरीया को उड़ान में को उड़ान में प्रथम आने के लिए, कैप्टन परमवीर सिंह शेखावत को जमीनी पाठ्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए एवं कैप्टन संजीव कुमार यादव को ओवरऑल बेस्ट इन ओवरऑल मेरिट की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। बीएफटीएस के प्रशिक्षकों में स्क्वाड्रन लीडर योगेन्द्र यादव को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक घोषित कर ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। इस दौरान बीएफटीएस के बारे में बताया गया कि यहां एचपीटी-32 विमानपर पायलटों को प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 16 दिसंबर 1987 में स्थापित किया गया था।
पांच जुलाई 1999 से बीएफटीएस की भूमिका भारतीय वायुसेना के फ्लाइट कैडेटों को तैयार करने से भारतीय सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए बदल दी गई थी। हेलीकॉप्टर पर भारतीय सेना के अधिकारियों को प्रारंभिक उड़ान प्रशिक्षण देने हेतु 26 दिसंबर 2005 को इस स्कूल को चेतक हेलीकाप्टरों से पुन:सुसज्जित किया गया। समारोह में एयर मार्शल टीडी जोसफ के बारे में बताया गया कि उन्होंने भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमान प्रशाखा में दिसंबर 1982 में कमीशन प्राप्त किया था ।अपने कार्यकाल में उन्हें वायुसेना के विभिन्न लड़ाकू एवं प्रशिक्षण विमानों पर 3850 से अधिक घंटों की उड़ान का अनुभव प्राप्त है।