वायुसेना कैंपस में कमांडर वर्क इंजीनियर (सीडब्ल्यूई) सत्येंद्र नारायण मिश्रा(51) की हत्या की वारदात में चौथा नाम सामने आने के बाद नया सवाल खड़ा हो गया है। सवाल है कि क्या इस वारदात की साजिश जेल से रची गई? दरअसल, जांच में इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि पहले व हत्या के बाद कई बार मुख्य आरोपी सौरभ जेल में बंद अपने भाई हनी उर्फ गौतम से मिला था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जेल भेेजे जाने से पहले सौरभ ने यह बताया कि वह वारदात के एक दिन पहले यानी 28 व वारदात के बाद 29 मार्च को जेल में निरुद्ध अपने भाई हनी से मिला। अब यह बात भी सामने आई है कि वह पहली बार अफसर के घर चोरी करने जाने के दिन 13 मार्च से पहले भी कई बार जेल में जाकर अपने भाई से मिला।
यही नहीं, इसमें कुछ बार उसके साथ मां-बाप भी गए। कुछ बार पेशी पर आने के दौरान तो अन्य बार जेल में जाकर तीनों ने हनी से मुलाकात की। ऐसे में अब इस बात की भी आशंका है कि कहीं यह साजिश हनी ने जेल से ही तो नहीं रची। इस मामले में पुलिस अफसर अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। हनी को एक दिन पहले ही साजिश रचने का आरोपी बनाया जा चुका है।