इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने अरिहंत पेपर मिल के खिलाफ 200 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी चोरी करने के मामले में रोक हटा ली है। इसके बाद मिल से वसूली का रास्ता साफ हो गया है। कंपनी के मालिक सुभाष जैन और सचिन जैन की याचिका पर हाईकोर्ट ने यह रोक लगाई थी मगर बाद में उनके वकीलों द्वारा मामले की सुनवाई में अदालत का सहयोग नहीं किया गया। एक्साइज विभाग के वकील द्वारा सुनवाई के लिए दी गई स्लिप कंपनी के वकीलों ने स्वीकार नहीं की। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी की खंडपीठ ने इस जानकारी के बाद स्थगन आदेश समाप्त कर दिया है। मिल पर पहले 75 करोड़ रुपये एक्साइज ड्यूटी की चोरी का आरोप लगा था। जांच में पता चला कि कुल चोरी 200 करोड़ रुपये की है। इसकी वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ हुई तो मिल के मालिकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया।