संबोधन से पूर्व अतिथियों ने 21 वीं सदी के इलाहाबादी-भाग दो और गुफ्तगू के नवीन अंक का विमोचन किया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सरहानीय सेवा के लिए 126 विभूतियों व उनके परिजनों को सम्मानित किया। किताब के लेखक इम्तियाज अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी कोशिश है कि विभिन्न क्षेत्रों में शहर का प्रतिनिधित्व कर रही विभूतियों के कार्यों को एक किताब में सहेजा जाए। इसके लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी विभूतियों से मुलाकात की और भाग-1 व भाग-2 में इन्हें एकत्र किया। लेकिन उन्हें खुशी है कि वह इस कार्य में सफल हुए हैं।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार प्रताप सोमवंशी ने कहा कि प्रयागराज विद्वानों व समृद्ध लोगों का शहर है। यहां पद्मश्री डॉ. राज बवेजा जैसी हस्तियां मौजूद हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरू और हिंदी पत्रकारिता के स्तंभ रहे प्रभाष जोशी को भी याद किया। डॉ. राजीव सिंह व अतहर जिया ने पुस्तक की सराहना करते हुए प्रयागराज की एतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. राज बवेजा और संचालन शैलेंद्र जय ने किया। इस मौके पर नरेश कुमार महरानी, प्रभाशंकर शर्मा, डॉ. वीरेंद्र तिवारी, अर्चना जायसवाल, नीना मोहन श्रीवास्तव, उत्कर्ष मालवीय, अनिल मानव, शिवाजी यादव, धीरेंद्र सिंह नागा, कमल किशोर, दयाशंकर प्रसाद, असफर जमाल, हकीम रेशादुल इस्लाम आदि मौजूद रहे।