इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भीम आर्मी प्रमुख व नगीना से सांसद चंद्रशेखर की 2017 में जातीय हिंसा के दौरान उन पर विभिन्न आरोपों में दर्ज मुकदमे की पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग में दाखिल अर्जी पर फैसला सुरक्षित कर लिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भीम आर्मी प्रमुख व नगीना से सांसद चंद्रशेखर की 2017 में जातीय हिंसा के दौरान उन पर विभिन्न आरोपों में दर्ज मुकदमे की पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग में दाखिल अर्जी पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने मामले में सुनवाई की।
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सहारनपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में 2017 में जातीय हिंसा में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर पर हिंसा भड़काने, हत्या का प्रयास व आगजनी सहित विभिन्न आरोपों में अलग-अलग चार मुकदमे किए गए थे। पुलिस ने मामले में ट्रायल कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। चंद्रशेखर ने मुकदमों की कार्यवाही रद्द करने की मांग कर हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की।
याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के हिसाब से एक घटना में एक ही मुकदमा चलना चाहिए। सभी एफआईआर को एक एफआईआर में जोड़ देना चाहिए। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि घटनाएं अलग हैं। वादी अलग हैं। घटना का प्रकार अलग है। ऐसे में सभी मुकदमे चलने चाहिए।