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चयन बोर्ड इंटरव्यू में चल रहा मनमानी का खेल

Thu, 09 Jun 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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फैसला लिया गया कि विषयवार अध्यापकों को पर्सनल समन भेजे जाएंगे। - फोटो : Demo pic
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से इन दिनों माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पदों का साक्षात्कार चल रहा है। चयन बोर्ड के सदस्य जिस पद के लिए अर्हता नहीं रखते, उस पद का साक्षात्कार ले रहे हैं। सदस्यों के मामले को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मामला लंबित होने के बाद भी यह सदस्य लगातार इंटरव्यू ले रहे हैं। साक्षात्कार में बुलाए जाने वाले विशेषज्ञों को लेकर अनुभव का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह भी आरोप है कि चयन बोर्ड में बुलाए गए विशेषज्ञ साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों से मिल रहे हैं।
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चयन बोर्ड की ओर से दो जून से पीजीटी (प्रवक्ता)-2013 का साक्षात्कार चल रहा है। इस साक्षात्कार में चयन बोर्ड के दो सदस्य अनीता यादव एवं ललित कुमार श्रीवास्तव प्रवक्ता पदों के लिए साक्षात्कार ले रहे हैं। अनीता यादव इटावा के केके इंटर कॉलेज में एलटी ग्रेड शिक्षिका हैं, ललित कुमार श्रीवास्तव शिक्षा विभाग में लिपिक के बाद एलटी ग्रेड शिक्षक बन सीधे चयन बोर्ड के सदस्य बन गए। सरकार ने उन्हें दूसरी बार चयन बोर्ड सदस्य बनाकर सदस्य बनाने के लिए मानकों की अनदेखी की है। कम योग्यता वाले व्यक्ति अधिक योग्यता वाले पदों के लिए साक्षात्कार ले रहे हैं। चयन बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति मानक के अनुसार नहीं होने और एलटी ग्रेड के शिक्षकों द्वारा प्रधानाचार्य के इंटरव्यू लेने पर ‘अमर उजाला’ से सवाल उठाए थे। चयन बोर्ड की ओर से मनमाने तरीके से नियुक्त सदस्यों को एक बार फिर से साक्षात्कार की बागडोर सौंपे जाने पर प्रतियोगी छात्रों ने आपत्ति उठाई है।

इन सदस्यों के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट ने इनके काम पर रोक लगा दी थी। बीच में याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका कोर्ट से वापस ले ली इसके बाद इन सदस्यों को काम करने की छूट मिल गई। साक्षात्कार में शामिल अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है कि चयन बोर्ड के अध्यक्ष एवं सचिव ऐसे विवादित सदस्यों को कैसे साक्षात्कार बोर्ड में रखे हैं।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से 2015 में हुई टीजीटी-पीजीटी-2013 की परीक्षा में अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण किए बिना ही लिखित परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए गए। टीजीटी-पीजीटी के कुछ विषयों का रिजल्ट चयन बोर्ड की ओर से 2015 में ही घोषित कर दिए गए थे, शेष विषयों के परिणाम चयन बोर्ड ने नए अध्यक्ष की तैनाती के बाद जारी कर दिए। चयन बोर्ड की ओर से अभ्यर्थियों की आपत्तियों को दरकिनार कर रिजल्ट जारी कर दिए गए। चयन बोर्ड की मनमानी के खिलाफ अभ्यर्थी कोर्ट गए तो अंतिम परिणाम पर रोक लग सकती है। इससे पूर्व भी चयन बोर्ड की ओर से अभ्यर्थियों की आपत्तियों को दरकिनार करके रिजल्ट जारी किए जाने पर परिणाम बदला जा चुका है।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की सचिव रूबी सिंह की नियुक्ति प्रदेश के निदेशक माध्यमिक शिक्षा की सिफारिश पर की गई है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि चयन बोर्ड जैसी स्वायत्त संस्था पर निदेशक की दखलंदाजी ठीक नहीं है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि संबंध में अप्रैल माह में निदेशक अमरनाथ वर्मा ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा के पास इस आशय का प्रस्ताव भेजा था कि अपर निदेशक बेसिक शिक्षा रूबी सिंह को सचिव पद नियुक्त करने का प्रस्ताव भेजा था। निदेशक माध्यमिक ने इसके साथ ही चयन बोर्ड के उप सचिव आशुतोष द्विवेदी का तबादला सहित एक अन्य अधिकारी को चयन बोर्ड का उप सचिव बनाए जाने की सिफारिश की थी।
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