प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भय्या राज्य विश्वविद्यालय की प्रायोगिक और मौखिक परीक्षा में कॉलेजों की मनमानी तथा अव्यवस्था सामने आई है। ज्यादातर कॉलेजों ने परीक्षकों की सूची भी विश्वविद्यालय को नहीं भेजी है। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। साथ ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कई निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर कड़े प्रावधान लागू किए हैं। इसी क्रम में परीक्षकों की सूची उपलब्ध कराने के साथ ही पूरी परीक्षा की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने का निर्देश दिया गया है। ये वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है। कई परीक्षाएं एक साथ होने की स्थिति में एक विषय की यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग करने के साथ अन्य के वीडियो अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन अब तक की परीक्षा के आधार पर पाया गया है कि कॉलेजों ने वीडियो बनाने में सिर्फ औपचारिकता निभाई है।
अब तक 100 विषयों की परीक्षा के वीडियो अपलोड किए गए हैं लेकिन उनमें कुछ भी स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा काफी शोर भी है। इससे पता चलता है कि परीक्षा की शुचिता का ध्यान नहीं रखा गया। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही स्पष्ट वीडियो बनाने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि वीडियो में सभी विद्यार्थियों के चेहरे आएं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के दिन ही अनिवार्य रूप से अंक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, उसमें छेड़छाड़ न की जा सके। विश्वविद्यालय की प्रायोगिक परीक्षाएं 25 नवंबर तक पूरी करानी हैं लेकिन अभी तक ज्यादातर कॉलेजों में परीक्षाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर भी आपत्ति जताई है।