एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में अतीक अहमद का चचेरा भाई असलम उर्फ मंत्री बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह सात महीने से फरार चल रहा था। चकिया, कसारी मसारी के रहने वाले असलम पर 10 हजार का इनाम भी घोषित था। वह अतीक के लिए जमीनों की खरीद-फरोख्त का काम करता था। उस पर 2001 में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हो चुका है।
इसी साल 11 अप्रैल को धूमनगंज थाने में दर्ज मुकदमे में असलम अतीक अहमद के बेटे अली, गुर्गे असाद कालिया समेत नामजद हुआ था। जाफरी कॉलोनी करेली निवासी साबिर ने 13 लोगाें पर एक करोड़ रंगदारी मांगने समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में अली, असाद पहले ही जेल में बंद हैं, जबकि अन्य आरोपी शाकिर व फैजान को भी जेल भेजा गया था।
वादी ने पुलिस को बताया था कि वह दोहरे हत्याकांड में अतीक के खिलाफ पैरवी कर रहा था। इसे लेकर ही अतीक के इशारे पर आरोपियों ने उसे धमकाया और रंगदारी मांगी। विरोध करने पर फायर भी झोंका, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दो साल पहले मकान पर चला था बुलडोजर
असलम उर्फ मंत्री धूमनगंज, करेली व आसपास अतीक के जमीन के धंधों को देखता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अतीक के नाम पर जमीनें खरीदने व बेचने के साथ ही जमीन पर अवैध कब्जे आदि का भी काम करता था। दो साल पहले जनवरी 2021 में उसके आलीशान मकान को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त किया गया था। विकास प्राधिकरण ने नक्शा पास न होने की बात कहकर यह कार्रवाई की थी। 700 वर्ग गज जमीन पर बने इस आलीशान मकान की कीमत लगभग चार करोड़ बताई गई थी।