अपर निजी सचिव (एपीएस) के ढाई सौ पदों का अधियाचन मिलने के बावजूद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं कर रहा है। शुक्रवार को तमाम अभ्यर्थी आयोग पहुंचे और ज्ञापन देकर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें आयोग के नए अध्यक्ष से बहुत उम्मीदें हैं। आयोग वर्ष 2013 की एपीएस भर्ती अब तक पूरी नहीं कर सका है। इस भर्ती की कंप्यूटर परीक्षा नहीं कराई गई। इस भर्ती में शामिल हुए अभ्यर्थी अब ओवरएज हो रहे हैं। आयोग ने दिसंबर 2017 के परीक्षा कैलेंडर में एपीएस भर्ती को शामिल किया था और परीक्षा के लिए 10 जून 2018 को परीक्षा कराने की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन भर्ती का विज्ञापन भी जारी नहीं किया।
वर्ष 2020 में आयोग को एपीएस के तकरीबन ढाई सौ पदों का अधियाचन मिल गया, पर 2021 के परीक्षा कैलेंडर में एपीएस भर्ती का जगह नहीं दी गई। अभ्यर्थियों के मुताबिक आयोग की ओर से कहा जा रहा है कि पाठ्यक्रम संशोधन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जब अभ्यर्थियों का दावा है कि पाठ्यक्रम संशोधन को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन आयोग विज्ञापन जारी करने में लेटलतीफी कर रहा है। ज्ञापन देने वालों में दीपक कुशवाहा, उमेश पांडेय, आशीष कुशवाहा, शैलेश पांडेय, विमल पाल आदि मौजूद रहे।