शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में सख्ती के बावजूद सॉल्वर पकड़े जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं की शुचिता प्रभावित करने के पीछे सॉल्वर गिरोह की सेंध हो सकती हैं।
दो दिन की टीईटी परीक्षा में 26 सॉल्वर और नकलची पकड़े जा चुके हैं। दो जुलाई को शिक्षक पात्रता परीक्षा में 14 सॉल्वर प्रदेश के 12 जिलों से गिरफ्तार किए गए। तीन जुलाई को 12 सॉल्वर-नकलची पकड़े गए। बताया जा रहा है कि बायोमीट्रिक हाजिरी और एआई कैमरों से निगरानी और बारीकी से बार कोड की स्कैन इसकी मुख्य वजह है।
आयोग अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने सॉल्वर गैंग की आशंका पर जांच के निर्देश दिए हैं। एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां सॉल्वर गिरोहों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही हैं।
इससे पहले तीन जून को 36 जिलों में 514 केंद्रों पर टीजीटी परीक्षा हुई थी। इसमें 3539 पदों के लिए भर्ती होनी थी। जौनपुर, गोरखपुर, लखनऊ सहित कई जिलों से 11 सॉल्वर की पहचान हुई। इनमें से नौ को गिरफ्तार किया गया।
केमिस्ट्री प्रवक्ता पद के साक्षात्कार में देवरिया की एक महिला भी पकड़ी गई। उसने जन सेवा केंद्र संचालक की संदिग्ध भूमिका बताई। महाराष्ट्र में टीईटी पेपर आउट होने के बाद यूपी में भी जांच तेज कर दी गई।