prayagraj news : विश्वनाथगंज विधायक के समर्थकों के द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है।
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मऊआइमा में टोल प्लाजा कर्मचारियों से मारपीट मामले में आखिरकार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। लेकिन उसकी कार्रवाई को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। दरअसल विधायक समेत चार नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ टोलकर्मियों की ओर से दी गई तहरीर को दरकिनार करते हुए पुलिस ने अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है। इस मुकदमे की वादी भी पुलिस खुद ही बनी है। मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि मारपीट व तोडफ़ोड़ करने वालों को चिह्नित करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना 27 फरवरी की शाम अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर मऊआइमा के रामफल इनारी स्थित रामनगर गसियारी टोल प्लाजा पर हुई थी। अगले दिन टोल कर्मचारियों दीपक सिंह, वैभव, प्रीतम, आजाद की ओर से मामले में विधायक समेत चार नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई। जिसमें आरोप लगाया कि विधायक के कहने पर उनके सरकारी गनर व 10 अज्ञात लोगों ने मारपीट, तोड़फोड़ की व सरकारी असलहा तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। साथ ही घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सौंपा। हालांकि पुलिस ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके उलट मामले में खुद वादी बनते हुए 10-12 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की।
टोलकर्मियों की तहरीर में नामजद, पुलिस ने बताया अज्ञात
प्रकरण में टोलकर्मियों की तहरीर में चार लोगों के नाम दिए गए हैं जबकि पुलिस की तहरीर में कुछ लोग व 10-12 अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट की बात लिखी गई है। मुकदमा वादी एसआई सुमित त्रिपाठी की तहरीर में कहा गया है कि वह ड्यूटी पर थे तभी टोल प्लाजाकर्मियों ने फोन से बताया कि 27 फरवरी की शाम 6.35 पर कुछ लोगों व अन्य चारपहिया वाहन पर सवार 10-12 अज्ञात लोगों ने टोल काटने की बात को लेकर मारपीट, गालीगलौज, तोडफ़ोड़ की और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
क्या कहते हैं अफसर
एसपी गंगापार धवल जायसवाल का कहना है कि घटनास्थल पर अलग-अलग लोगों ने मारपीट की है। विवेचना के दौरान जिन-जिन लोगों के नाम सामने आएंगे, उनके नाम मुकदमे में शामिल किए जाएंगे। मौके पर मौजूद सभी लोगों का बयान दर्ज किया जाएगा। जिसकी भी संलिप्तिता सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।