बेटियां अब दूसरों के भरोसे और सहारे की मोहताज नहीं रह गई हैं। वह अब अपने बल बूते आसमान का माथा चूम रही हैं। ऐसे में उनके लिए बेहतर वातावण बनाना हर पिता-भाई का ही नहीं, हर इंसान का फर्ज है। बेटी को घर की नहीं, पूरे गांव की बेटी का मान देने की जरूरत है। जब बेटी पूरे गांव की होगी और हर घर की होगी, तभी उसका मान बढ़ेगा और वह अपनी पूरी ऊर्जा -क्षमता से परिवार से लेकर समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए काम कर सकेगी।
मंगलवार को सेक्टर छह स्थित आध्यात्मिक शिविर में यह बातें अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल मुहिम के तहत हुई संगोष्ठी में सद्पुरुष बाबा फुलसंदे महाराज ने कही। इस दौरान उन्होंने सैकड़ों सत्संगियों को नारी गरिमा के प्रति समर्पित होने की शपथ दिलाई। सद्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले के शिविर में दोपहर एक बजे अपराजिता के तहत हुई संगोष्ठी में संतों-भक्तों ने उत्साह से हिस्सा लिया। यहां बाबा फुलसंदे महाराज ने अपराजिता का पोस्टर लांच किया। इसके बाद उन्होंने सबको एक साथ नारी गरिमा को अक्षुण्य रखने की शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि अमर उजाला की यह मुहिम महिलाओं के लिए वरदान साबित होगी। हर नारी को अपराजिता बनने की जरूरत है। यह मुहिम देश की करोड़ों महिलाओं के जीवन में बदलाव ला सकती है, बशर्ते इस संदेश का ईमानदारी से अनुसरण किया जाए। उन्होंने कहा कि बेटियां नहीं बढ़ेंगी तो समाज आगे नहीं बढ़ेगा। इस अभियान को गांव-गांव-शहर-शहर ले जाने की उन्होंने अनुयायियों से अपील की। कहा कि इस संकल्प को लेने वाले हर भाई-बहन अपने आसपास के लोगों को भी इस अभियान से जुडऩे के लिए प्रेरित करें, ताकि समाज का हर बच्चा बहन-बेटियों के प्रति आदर भाव अपना सके।