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अनुप्रिया की रिश्तेदार के इलाज में लापरवाही, मौत

Wed, 07 Jun 2017 01:59 AM IST
इलाहाबाद
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अनुप्रिया पटेल - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की रिश्तेदार युवती की इलाज में लापरवाही से मौत का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। एक शादी समारोह में युवती की तबीयत बिगड़ी, जिसे मेडिकल चौराहे के पास स्थित हर्ष हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां उसे भर्ती ही नहीं किया गया। फिर उसे एसआरएन अस्पताल से पीजीआई रेफर किया गया, जहां उसका दम टूट गया। अपना दल के अध्यक्ष आशीष सिंह के मुताबिक हर्ष हॉस्पिटल में उसे भर्ती कर लिया गया होता तो उसकी जान बच जाती। उन्होंने इसकी शिकायत शासन और सीएमओ से की है। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने मंगलवार रात हर्ष हॉस्पिटल का निरीक्षण कर जांच कमेटी गठित कर दी। सीएमओ के मुताबिक रिपोर्ट आने तक न्यूरो सर्जन डॉ. मुकुल पांडेय (कंसलटेंट हर्ष हॉस्पिटल)  ओपीडी में ही मरीज देखेंगे। उनकी अन्य सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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अपना दल के अध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले अपनी बुआ केसरी देवी पटेल के यहां आयोजित एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने आए थे। उनके साथ उनकी कानपुर में रहने वाली बड़ी बहन का परिवार भी था। समारोह में बहन की बेटी गरिमा सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। झांसी के एक कॉलेज से बीटेक कर रही गरिमा को आशीष सिंह रिश्तेदारों के साथ मेडिकल चौराहे के पास स्थित हर्ष हॉस्पिटल ले गए। आशीष का आरोप है उसे हॉस्पिटल में भर्ती न कर बाहर से ही लौटा दिया गया। गंभीर हालत में उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। सारी रात डॉक्टरों की टीम संग प्राचार्य डटे रहे। रात भर इलाज के बाद गरिमा को पीजीआई के लिए रेफर किया गया। पीजीआई में गरिमा की उपचार के दौरान मौत हो गई।

आशीष सिंह मंगलवार को भांजी गरिमा की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने यहां आए थे। घाट से लौटकर उन्होंने सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा से मामले की शिकायत कर कार्रवाई के लिए कहा। मामले की शिकायत शासन से भी की गई है। आशीष का कहना है कि यदि निजी अस्पताल में गरिमा का प्रारंभिक उपचार कर दिया जाता तो उसकी जान बच जाती। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा के मुताबिक किसी भी नर्सिंग होम या अस्पताल में इमरेजेंसी सेवाएं होती हैं। ऐसे में किसी मरीज को बाहर से लौटाने की शिकायत पर मंगलवार रात जांच की गई। टीम के साथ उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर सुविधाओं का जायजा लिया। बताया कि मामले की जांच के एक कमेटी गठित कर दी गई है। सीएमओ ने निर्देश दिए है कि जांच रिपोर्ट मिलने तक हर्ष हॉस्पिटल के कंसलटेंट न्यूरो सर्जन डॉ. मुकुल पांडेय सिर्फ ओपीडी में ही मरीज देख सकेंगे। उन पर मरीज भर्ती करने समेत अन्य सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।
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