इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के वेव सिटी थाने में दर्ज 14.90 करोड़ रुपये के कथित गबन के मामले में विजय जिंदल समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के वेव सिटी थाने में दर्ज 14.90 करोड़ रुपये के कथित गबन के मामले में विजय जिंदल समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।
विज्ञापन
एफआईआर राकेश गर्ग के निजी सहायक संजय राणा ने 19 नवंबर 2025 को दर्ज कराई थी। आरोप है कि फ्रेंड्स लैंड डेवलपर्स फर्म के पूर्व साझेदारों ने ग्रुप हाउसिंग का नक्शा जारी कराने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में 16.80 करोड़ रुपये से अधिक बाहरी विकास शुल्क जमा किया था। वर्ष 2010 में हाईकोर्ट ने इस शुल्क को अवैध ठहराया था। आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय बचे साझेदारों ने इसे अनधिकृत निर्माण के कंपाउंडिंग शुल्क में समायोजित करा लिया।
आवेदकों की ओर से दलील दी गई कि विवाद दीवानी प्रकृति का है और इसके निपटारे के लिए मध्यस्थता कार्यवाही चल रही है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जीडीए अधिकारियों की मिलीभगत और चेकों की बरामदगी के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी बताई। अभियोजन ने यह भी कहा कि पूरक समझौते में आवेदकों ने 14.90 करोड़ रुपये की रकम पूर्व साझेदारों की होने की बात स्वीकार की है।