जिला अदालत ने कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश प्रसारित करने के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला अदालत ने कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश प्रसारित करने के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश पूनम त्रिवेदी ने शासकीय अधिवक्ता फौजदारी शिव शरण श्रीवास्तव को सुनकर दिया।
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शंकरगढ़ के नारीबारी निवासी नारेंद्र कुमार केसरवानी उर्फ पप्पू केसरवानी के खिलाफ नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कोतवाली थाने में आईटी एक्ट और मानहानि के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि 24 मई 2024 को व्हाट्सएप ग्रुप शंकरगढ़, नारीबारी चाकघाट न्यूज में एक भ्रामक और साजिशपूर्ण मैसेज प्रसारित किया गया। जिसमें उनकी और उनकी पत्नी की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे चुनावी रंजिश में फंसाया गया है। वह न तो ग्रुप एडमिन है और न ही उसने कोई मैसेज पोस्ट किया। साथ ही वह एक साधारण किसान है और सोशल मीडिया का अधिक ज्ञान नहीं रखता।
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न्यायालय ने कहा कि विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। अभियुक्त को पहले कभी गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके बावजूद वह समन के बाद भी अदालत में पेश नहीं हुआ। जिससे यह स्पष्ट है कि गिरफ्तारी का कोई तात्कालिक खतरा नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा कि अग्रिम जमानत एक अपवादिक राहत है। जिसे ऐसे मामलों में नहीं दिया जा सकता जहां अभियुक्त न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा हो।