मेले के दौरान किए गए कार्यों के अलग-अलग बिलों का भुगतान कराया जाना था। आरोप है कि पिता से पीडब्ल्यूडी के कैशियर मदन ने बिल पास कराने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी। रुपये नहीं देने पर बिल पास नहीं हुआ।
शिकायत पर एंटी करप्शन प्रभारी रविंद्र सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक अलाउद्दीन अंसारी, राकेश बहादुर सिंह, अंजली यादव, उप निरीक्षक अर्जुन सिंह, हेड कांस्टेबल अनिरुद्ध कुमार बलवंत, आरक्षी दीपक शुक्ला, वेद प्रकाश, दिनेश प्रसाद और योगेंद्र सिंह की टीम बनाई गई।
बुधवार दोपहर करीब 12:15 बजे टीम नया कटरा स्थित लोक निर्माण विभाग स्थित निर्माण खंड-पांच पहुंची और जैसे ही दीपक ने मदन को रिश्वत के पैसे दिए उसे एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया और जॉर्जटाउन थाने ले आई। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है।
विभाग में तैनात अन्य लोगों की भूमिका भी जांच रही टीम
रिश्वत मांगने की शिकायत पर 10 पुलिसकर्मियों की टीम सादी वर्दी पीडब्ल्यूडी स्थित निर्माण खंड-पांच में पहुंची थी। मदन को टीम ने जैसे ही पकड़ा कार्यालय में खलबली मच गई। इस बीच मदन कहता रहा कि रिश्वत लेने में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद टीम आरोपी को जॉर्जटाउन थाने ले आई। वहीं, अब एंटी करप्शन की टीम विभाग में तैनात अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।