फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनशनकारियों की तबियत बिगड़ने से माहौल गरमाया

Mon, 23 Mar 2015 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कचहरी कांड को लेकर आमरण अनशन कर रहे हाईकोर्ट के चार वकीलों की सोमवार को पांचवें दिन तबियत बिगड़ने से माहौल फिर गरमाने लगा। कुछ लोगों ने फिर से हड़ताल कराने की कोशिश की पर मुख्य न्यायाधीश ने उनकी नहीं सुनी। अनशनकारियों के स्वास्थ्य की लगातार जांच हो रही है मगर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास सफल नहीं हो पाया।
विज्ञापन

 सोमवार को हाईकोर्ट खुलने के बाद वहां दिन भर वकीलों का मजमा लगा रहा। उनमें नाराजगी थी। वकीलोें के एक तबके ने लाइब्रेरी हाल में मीटिंग की अनशनकारियों की हालत बिगड़ने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर कुछ देर तक नारेबाजी भी की गई।

इस बीच अनशन पर बैठे राजीव शुक्ला, अजय मिश्र, रीतेश श्रीवास्तव और राजीव कुमार के स्वास्थ्य की जांच कल्विन अस्पताल से आए डाक्टरों की टीम ने की। अनशनकारियों का यूरिन कीटोन पॉजटिव पाया गया है जबकि अजय मिश्र को लो ब्लडप्रेशन की शिकायत बनी हुई है। भोजनावकाश के बाद जब कोर्ट बैठी तो कुछ अधिवक्ता चीफ जस्टिस कोर्ट में पहुंच गए और न्यायिक कार्य बंद करने का अनुरोध किया। मगर चीफ जस्टिस ने सभी को यह कहते हुए लौटा दिया कि वह जो भी कहना चाह रहे हैं मामले की जांच कर रहे जस्टिस पीकेएस बघेल के समक्ष कहें।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस डा. डीवाई चंद्रचूड ने वकीलों से कहा कि वह ऐसा कुछ भी न करें, जिससे समाज में उनकी छवि धूमिल हो। उन्होंने कहा कि काम करना या न करना उनका निर्णय है मगर जज काम करेंगे। यदि वकील नहीं आएंगे तो हम लोग खुद फाइलें पढ़कर मुकदमा तय करेंगे। कहा कि वकीलों को वादकारियों के हित में काम करना चाहिए।
अनशनकारी वकीलों का हाल जानने वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह, भरत जी अग्रवाल और पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र भी पहुंचे। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शीतला मिश्र, मंत्री देवेंद्र नगरहा, रेवतीरमण त्रिपाठी, अनिल तिवारी, डीके द्विवेदी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, कुश कुमार पांडेय, केबी सिंह आदि ने हालचाल जाना।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें