स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में शुक्रवार को दूसरा सफल गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ। दूसरे प्रत्यारोपण में भी महिला ने बेटे को अपनी किडनी दी। सर्जरी के बाद मां-बेटा दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को आईसीयू में रखा गया है।
स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में शुक्रवार को दूसरा सफल गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ। दूसरे प्रत्यारोपण में भी महिला ने बेटे को अपनी किडनी दी। सर्जरी के बाद मां-बेटा दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को आईसीयू में रखा गया है।
विज्ञापन
जौनपुर के मछलीशहर निवासी सुशीला देवी (50) ने बेटे राहुल तिवारी (20) को किडनी डोनेट की। सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद शुक्रवार को अस्पताल की पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर स्थित किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में नेफ्रोलॉजी की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौम्या गुप्ता, डॉ. संतोष मौर्या, यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप चौरसिया व टीम ने सफल ऑपरेशन किया।
इससे पहले 25 मार्च को अस्पताल में पहला गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था। इस दौरान अभिषेक (21) को उसकी 49 वर्षीय मां ने किडनी डोनेट की थी। नेफ्रोलॉजी विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौम्या गुप्ता ने बताया कि मां-बेटा दोनों स्वस्थ हैं।
विज्ञापन
वहीं, नेफ्रोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया कि हर हफ्ते करीब चार मरीज ट्रांसप्लांट के लिए कमेटी के पास भेजे जाते हैं मगर अब तक मरीजों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिली हैं। इसकी वजह से दूसरे ट्रांसप्लांट में पांच माह का समय लग गया।