अतीक के गुर्गे कम्मो और जाबिर के भाई राहिल हसन की गिरफ्तारी के बाद बृहस्पतिवार को धूमनगंज पुलिस ने उनके एक अन्य भाई शानू को भी गिरफ्तार कर लिया। 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में शानू भी नामजद था। पुलिस अब इस मामले में अज्ञात आरोपियों की पहचान में जुटी है।
दामूपुर के शारिक ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि एसडीएम चौराहे पर उसकी बेशकीमती जमीन है। कम्मो और जाबिर के भाई राहिल और शानू उस पर जमीन को बेचने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर 18 जुलाई को राहिल, शानू, अमित और दो अज्ञात लोगों ने उसे पीटा। इसके बाद मंगलवार को दामूपुर में उन्हीं लोगों ने शारिक को दोबारा पीटा और उससे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
शारिक का आरोप है कि उन लोगों ने फायरिंग भी की, लेकिन वह बच गया। उसने धूमनगंज थाने में राहिल, शानू, अमित और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार को पुलिस ने राहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, बृहस्पतिवार को उसका भाई शानू भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
इंस्पेक्टर धूमनगंज राजेश मौर्या ने बताया कि कम्मो और जाबिर की फरारी के बाद राहिल और शानू उसका काम देख रहे थे। दोनों के खिलाफ जमीन पर कब्जे और रंगदारी मांगने की शिकायतें आई थीं, लेकिन इससे पहले किसी ने रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई थी। दोनों को जेल भेजने के बाद पुलिस अब नामजद आरोपी अमित की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। वहीं, दोनों अज्ञात बदमाशों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।