नीलगायों की हत्या कर उनके मांस की तस्करी करने का एक और आरोपी शनिवार को मेजा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसका चालान कर दिया गया। मेजा थाने के इंस्पेक्टर दीनदयाल सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर को टेंपो में नीलगाय का मांस जूट के बोरे में भरकर ले जाते वक्त दो तस्करों को पथरा गांव के समीप से पकड़ लिया गया था। उनके पास से तमंचा और चापड़ बरामद किया गया था। टेंपो में सवार दो और लोग भागने में सफल हो गए थे।
इस मामले में पुलिस ने तस्कर साहब अली, सिराज अहमद, लालबाबू अंसारी और फिरोज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपी साहब अली और सिराज अहमद का चालान कर दिया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीसरे आरोपी फिरोज को शनिवार को खरका डाबर नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। पकड़े गए फिरोज ने बताया कि करंट से नालगायों को झटका दिया जाता था। जब वह बेहोश हो जाते थे फिर चापड़ मारकर उनकी हत्या कर दी जाती थी। उनके मांस को मिर्जापुर में बेचा जाता था।