वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से गाइडलाइन जारी किए जाने के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन को परीक्षा एवं प्रमोशन से संबंधित प्रस्तावित कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ेगा। हालांकि इविवि ने परीक्षाओं के आयोजन को लेकर पहले से एक प्रस्तावित कार्यक्रम भी बना रखा है। जिसके तहत जरूरत पड़ने पर स्नातक अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 22 दिनों के भीतर पूरी कराई जा सकती हैं।
पूर्व में यूजीसी की ओर से गाइडलाइन जारी होने पर इविवि प्रशासन ने परीक्षा और प्रमोशन को लेकर प्रस्तावित कार्यक्रम तैयार किया था। इविवि की परीक्षा समिति ने तय किया था कि 15 अगस्त तक हालात नहीं सुधरे तो स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों को प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं में मिले अंकों के औसत के आधार पर उत्तीर्ण कर दिया जाएगा। अंतिम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के लिए भी ऐसी ही योजना थी।
लेकिन, यूजीसी की नई गाइडलाइन में सितंबर में परीक्षा कराए जाने निर्देश दिए गए हैं। यूजीसी के पत्र में विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि अंतिम वर्ष एवं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड में 30 सितंबर तक पूरी करा ली जाएं। यूजीसी की नई गाइडलाइन जारी होने के बाद इविवि प्रशासन को अब बिना परीक्षा प्रमोट किए जाने से संबंधित प्रस्तावित निर्णय को बदलना होगा होगा, क्योंकि यूजीसी ने अब परीक्षा कराने को कह दिया है।
इसके साथ ही इविवि प्रशासन ने विकल्प के तौर पर हालात सुधरने की स्थिति में 17 अगस्त से अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा कराने की योजना भी बनाई थी। अब इस कार्यक्रम को भी संशोधित करना होगा और सितंबर में परीक्षा के लिए नया कार्यक्रम निर्धारित करना होगा। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना हैं कि अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं सोशल डिस्टेंसिंग के साथ 22 दिनों में पूरी कराई जा सकती है। इसका खाका पहले से तैयार है। सितंबर में अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं का कार्यक्रम जल्द निर्धारित किया जाएगा।