टप्पल की मासूम की निर्मम हत्या के विरोध में छात्रों ने रविवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन के सामने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका। उधर, सुभाष चौराहे पर महिला अधिकार संगठन और संजीवनी संस्था के बैनर तले महिलाओं-बच्चों ने कैंडल मार्च निकाल कर नारेबाजी। आइडियल निमोनिक सोसाइटी के अलावा राष्ट्रीय हिंदू संगठन और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने को लेकर प्रदर्शन किया।
इविवि छात्रसंघ भवन पर छात्रों ने कहा कि जिस तरह से अलीगढ़ में एक तीन साल की बच्ची के साथ जघन्य अपराध हुआ है, उससे साबित होता है कि पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अपराधिक घटनाएं बढ़ने से जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। छात्रों ने कहा कि कानून व्यवस्था को संभाल पाने में विफल योगी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस मौके पर छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव समेत राकेश पासवान, दीपक सिंह, अंकित यादव, अजय सम्राट, अरविंद यादव, राहुल पटेल, पृथ्वी प्रकाश तिवारी, आशीष कुमार, राहुल सिंह, अंकित पाल आदि मौजूद रहे। इसी तरह अलीगढ़ में बच्ची के साथ दरिंदगी के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रविवार को सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से सुभाष चौराहा तक कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। संयोजक अभिमन्यु शाही,बाबा राजकुमार, विनोद अग्रवाल, शिवम द्विवेदी, अश्वनी मिश्रा, गौरव जायसवाल, अभिषेक पाठक, अभय वर्मा आदि मार्च में शामिल रहे।
राष्ट्रीय हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी घटना के विरोध में मार्च निकाला। भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनुपमा पांडेय के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। उन्होंने अलीगढ़ कांड को को बेहद पीड़ादायक बताते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। इस अवसर पर डीआर पांडेय, भक्त राज पांडेय, आनंद निषाद, केसी पांडेय, अशोक, पुष्पराज पांडेय, प्रभु राज पांडेय, सुरेंद्र श्रीवास्तव, शक्ति राज पांडेय, योगराज शास्त्री मौजूद थे।
शाम को सुभाष चौराहे पर महिला अधिकार संगठन और संजीवनी संस्था की कार्यकर्ताओं ने कैंडि मार्च निकाल कर बहन, बेटियों की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई। मार्च का नेतृत्व मंजू पाठक ने किया। इसमें जूही जायसवाल, श्याम सुंदर सिंह पटेल, आरएस वर्मा, मनीष शुक्ला, निधि जायसवाल, मनीषा शुक्ला, रीता मौर्य, नंदिता, शशि, छाया, मोना, पूजा, अचला, प्रीति मालवीय, सरस्वती, सुधाष सुषमा, संगीता, राधा पाल, मंजू वर्मा ने वंदे मातरम के नारे लगाए और मासूम के कातिलों को फांसी देने की मांग की।