उपचार के अभाव में बच्चे की मौत से नाराज परिजनों ने ग्रामीणों के साथ शुक्रवार की शाम को शव को झूंसी थाने में रखकर हंगामा काटा। ग्रामीण मारपीट की घटना में एक पक्षीय कार्रवाई को लेकर आक्रोशित थे। घेराव कर लोगों ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में एसओ झूंसी ने परिजनों को समझाकर वहां से हटाया।
थाना क्षेत्र के साेनौटी गांव निवासी चंचल यादव और लालजी यादव के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। बुधवार की रात चंचल के सात वर्षीय पुत्र को उल्टी-दस्त होने लगा। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। बुधवार की रात उसे भर्ती कराकर चंचल का भाई विजय घर लौट रहा था। आरोप है कि इस दौरान घर के पास पहुंचने पर लालजी पक्ष के लोगों ने उस पर हमला कर दिया। मारपीट में वह जख्मी हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना को लेकर भुक्तभाेगी विजय ने हमला करने वालों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। बताते हैं कि बृहस्पतिवार सुबह चौकी प्रभारी रहिमापुर जयराम सरोज चंचल के घर पहुंचे और उसे जीप पर बैठाने लगे।
आरोप है कि दिनभर उसे थाना में बैठाए रखा गया। देर रात एक अधिवक्ता के कहने पर पुलिस ने उसे छोड़ा। बताते हैं कि शुक्रवार की सुबह उसके पुत्र की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजन व ग्रामीण बच्चे का शव लेकर थाने पहुंचे और घेराव कर दिया। ग्रामीण और परिजन दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई। इससे बच्चे का उपचार नहीं हो पाया। करीब आधा घंटे तक चले घेराव के बाद एसओ महेश मिश्र के कार्रवाई के आश्वासन पर लोग वहां से हटे।