पिता ने छुपाई सच्चाई
पिता ने उपचार के दौरान बताया कि बेटी ने 20 बीपी की दवा खाई है। वहीं जब मरीज की जान बच गई और 15 दिन बाद फॉलोअप में बुलाया गया, तब पिता ने कहा कि बेटी ने 20 नहीं बल्कि 52 बीपी की दवा खाई थी।
यह अपने में एक अनोखा केस है। क्योंकि अधिकांश लोग जहर या फिर कीड़े मारने वाली दवा का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बीपी के दवा की भारी डोज लेने से प्वाइजनिंग होने का यह दुर्लभ मामला है। बच्ची के उपचार को लेकर कई इंटरनेशनल जनरल को खंगालना पड़ा। क्योंकि इस प्रकार के प्वाइजनिंग का कोई एंटी डोज नहीं होता है। - डॉ. आरके तिवारी, वरिष्ठ फिजीशियन, एसआरएन अस्पताल।
आज कल 8 से 18 वर्ष के बीच के बच्चों में धैर्य कम देखने को मिलता है। वह थोड़ी-थोड़ी बात पर जान देने को तैयार हो जाते हैं। ऐसे में बच्चों के साथ तालमेल बैठाना जरुरी है। जिसके लिए अपनी व्यस्तता से समय निकालकर उनसे बात करना और सही गलत का फर्क बताना जरुरी है। - डॉ. राकेश पासवान, मनोचिकित्सक परामर्शदाता, कॉल्विन अस्पताल।