फोटो कैप्शन आनापुर स्वास्थ्य उपकेंद्र पर बंद पड़ा है ताला
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ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया आनापुर स्वास्थ्य उपकेंद्र करीब सालभर से बंद है। मुख्य दरवाजे पर ताला लटका है और परिसर में गंदगी पसरी है। प्रसव के लिए महिलाओं को करीब 15 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौड़िहार जाना पड़ता है। आपात स्थिति में दूरी के कारण मरीजों को समय पर उपचार मिलने में भी दिक्कत होती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में जच्चा-बच्चा की देखरेख और दवाओं का वितरण नियमित दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिलते। ग्रामीण आशीष श्रीवास्तव और अमृत लाल ने बताया कि उपकेंद्र बंद रहने से गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक जांच और दवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
किरन यादव और मीना सरोज ने बताया कि जांच और दवा के लिए उन्हें कौड़िहार बुलाया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार उपकेंद्र पर दो एएनएम की नियुक्ति है, लेकिन नियमित रूप से किसी के नहीं आने से टीकाकरण और दवा वितरण की व्यवस्था भी प्रभावित है।
अधीक्षक कौड़िहार डॉ. अमरेश वर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की जांच रविवार को कौड़िहार में कराई जाती है। अधिकतर एएनएम का पदोन्नति हो गया है। जल्द ही आनापुर उपकेंद्र पर एएनएम की नियुक्ति की जाएगी।