बैंकाॅक में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर महाकुंभ का आधिकारिक झंडा लहराकर प्रयागराज की बेटी अनामिका ने देश-दुनिया को महाकुंभ का निमंत्रण दिया है। आठ जनवरी को अनामिका शर्मा द्वारा आसमान से लगाई गई छलांग के बाद उसे बधाई देने वालों का तांता लग गया है।
बैंकाॅक में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर महाकुंभ का आधिकारिक झंडा लहराकर प्रयागराज की बेटी अनामिका ने देश-दुनिया को महाकुंभ का निमंत्रण दिया है। आठ जनवरी को अनामिका शर्मा द्वारा आसमान से लगाई गई छलांग के बाद उसे बधाई देने वालों का तांता लग गया है।
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विदित हो कि अनामिका एक प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर भी हैं अर्थात वह स्काई डाइविंग करते हुए जल पर लैंडिंग कर सकती है। वह भारत की सबसे कम उम्र की स्काई सी लाइसेंस प्राप्त महिला स्काई डाइवर हैं। अनामिका के पिता पूर्व वायु सैनिक अजय कुमार शर्मा भी एक स्काई डाइविंग प्रशिक्षक हैं। इसके पूर्व अनामिका ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन को स्मरणीय बनाने के लिए ‘जय श्रीराम’ एवं श्री राम मंदिर के ध्वज के साथ 13000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई थी। यह छलांग भी अनामिका ने बैंकॉक में ही लगाई थी।
अनामिका ने बताया कि मैंने जब भी आसमान में उड़ान भरी और ऊंचाई से छलांग लगाई तो यह भाव हमेशा जागृत रहा कि ‘मेरा भारत महान’। महाकुंभ- 2025 के लिए इस अद्वितीय योगदान के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा रही है कि जब भी विश्व कल्याण के लिए कोई आयोजन होता है तब भारत के सभी प्राणी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान करते हैं। मैं तो फिर भी गर्व से कहती हूं कि मैं भारत की बेटी हूं। अनामिका की आगामी योजना है कि महाकुंभ की समाप्ति के बाद महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में वह महिला दिवस आठ मार्च 2025 से पहले गंगा-जमुना-सरस्वती के संगम में पानी पर लैंडिंग का प्रदर्शन करेंगी।