देश की सरकार चुनने के लिए शहर के लोगों में एक जुनून दिखा। शहरियों ने न तो गर्मी की परवाह की न ही उमस की। अल्लापुर में बाघंबरी गद्दी पोलिंग बूथ पर तो तीखी धूप और गर्मी के कारण एक बुजुर्ग बेहोश हो गए। वहां अफरातफरी मच गई। लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की लेकिन वह वहां से वोट डालकर ही गए। मजीदिया में भी बुजुर्ग महिला को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन उन्होंने वोट देने की जिद ठान ली थी। बाद में मतदान कर्मियों ने उनके बेटे को मदद के लिए बुलाया।
रविवार को सुबह से ही तीखी धूप थी। शहर पश्चिम और दक्षिणी के कुछ इलाकों में वोटर साढ़े छह बजे से ही घर से निकल आए थे। उस समय बूथों पर मॉक पोल हो रहा था। लोग आधा घंटे लाइन में खड़े थे। दिन जैसे जैसे बढ़ा धूप और तीखी होती गई। इसके बाद भी वोटरों का उत्साह जरा भी कम नहीं था। करीब 11 बजे अल्लापुर के रहने वाले बुजुर्ग जेपी श्रीवास्तव बाघंबरी गद्दी पोलिंग बूथ पर धूप में ही लाइन में लगे थे। अचानक उन्हें चक्कर आ गया और वह बेहोश होकर गिर पड़े। वहां अफरातफरी मच गई। मतदान कर्मियों तथा अन्य लोगों ने उन्हें वहीं लिटाया। मुंह पर पानी के छींटे डालकर होश में लाया गया। उनसे कहा गया कि वह गाड़ी से अस्पताल चले जाएं, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि बिना वोट दिए वह कहीं नहीं जाएंगे। इस पर उनसे मतदान करवा करवाकर डॉक्टर के पास भेजा गया।
इसी तरह दोपहर में कड़ी धूप में शाहगंज की रहने वाली बुजुर्ग जन्नत खातून पसीने से लथपथ यादगारे हुसैन इंटर कालेज में वोट देने पहुंचीं। अंदर ईवीएम मशीन में उन्हें कुछ दिख ही नहीं रहा था लेकिन वह वोट देने की जिद पर अड़ी रहीं। उनका जुनून देखकर पीठासीन अधिकारी ने उनके बेटे को साथ जाने की अनुमति दी। जन्नत खातून खुश हो गईं और वोट देने के बाद बाद सबको आशीर्वाद दिया। इसी तरह एक बूथ पर अपनी 105 वर्षीय दृष्टिहीन दादी को लेकर नाती वोट दिलाने लाया था। अफसरों की अनुमति पर नाती को नानी की सहायता करने की छूट दी गई।
पैदल पहुंची बूथ तक, दिया वोट
मीरापुर की रहने वाली 76 वर्षीय कुसुम सहगल छह महीने से बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं। उन्होंने मतदान करने की जिद कर ली। भरी दोपहरी वह पति कमलेश सहगल, पौत्र शाश्वत और बेटे विवेक, पुत्रवधू रश्मि के सहयोग से पैदल चलकर बूथ तक पहुंची। सभी उनको सहारा दिए थे। वहां व्हीलचेयर नहीं मिली। मतदान करने की इच्छा पूरी कर वह बेदम होकर बैठ गईं। बाद में उन्हें पानी पिलाकर घर तक कार से ले जाया गया।
नेता पुत्र संग 107 वर्षीय पिता ने किया मतदान
भीरपुर (ब्यूरो)। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य रवीश चंद्र तिवारी के वयोवृद्ध पिता रमाकांत तिवारी ने भी रविवार को क्षेत्र के केचुआ पोलिंग बूथ पर मतदान किया। करीब 107 वर्षीय रमाकांत तिवारी ने बताया कि वह आज तक कभी वोट देने से नहीं कतराए। हर चुनाव में उन्होंने मतदान किया और जिसे वोट दिया, वही जीता। इस बार किसे जिता रहे हैं, यह पूछने पर वह मुस्करा दिए।
109 साल की रोजेदार महिला ने किया मतदान
नैनी (ब्यूरो)। चकदोंदी पोलिंग बूथ पर रविवार को 109 साल की एक रोजेदार महिला वोट डालने पहुंचीं तो वहां मौजूद लोग उनके सम्मान में खड़े हो गए। लोगों ने उन्हें सहारा देकर पोलिंग बूथ तक पहुंचाया। मतदान के बाद उनके चेहरे की चमक बढ़ गई थी। क्षेत्र के चक फैजुल्ला मोहल्ला निवासी जन्नतुन निशा पत्नी मो. यासीन की जन्मतिथि वर्ष 1910 है। जन्नतुन के पोते मो. तारिक ने बताया कि हर चुनाव में दादी मतदान करने के लिए बहुत उत्सुक रहती हैं। वह रोजेदार हैं फिर भी मतदान करने की जिद कर रही थीं।
बुजुर्गों, दिव्यांगों का उत्साह देख हैरत में पड़े लोग
मतदान के दिन बुजुर्गों और दिव्यांगों का मतदान करने के प्रति उत्साह देखकर लगभग सभी उम्र के लोग हैरत में थे। गौसनगर की 80 वर्षीया रजिया बेगम बेटे संग स्थानीय इंटर कॉलेज में बेटे के साथ मतदान करने पहुंची थीं। वहीं करछना के बरदहा गांव की 70 वर्षीय गुदना देवी पुत्र शत्रुघ्न के साथ वोट देने पहुंची। उनकी भी आंखों में दिक्कत बताई गई। इसी तरह मीरापुर की रहने वाली दिव्यांग 80 वर्षीया सरला मालवीय डीएवी इंटर कॉलेज गेट पर पहुंची तो थककर बैठ गईं। वहां मौजूद दिव्यांग सहायक अनिल कुमार पांडेय उन्हें व्हील चेयर से बूथ तक ले गए। मताधिकार का प्रयोग कर वह अनिल को आशीष देती रहीं।