इलाके में शुक्रवार को एक घंटे तक हुई बारिश ने किसानों के मुरझाए चेहरे पर रौनक लौट आई। किसान फिर धान की रोपाई की तैयारी में जुट गए हैं।
इलाके के मनूकापूरा, अमिलिया कला, अखरी, शाहपुर, गुनई गहरपुर, मेजिया, सिड़खिड़ी सहित कई गांवों में बारिश हुई। मनूकापूरा के किसान शेषमणि बिंद ने बताया कि 10 दिन तक बारिश का इंतजार किया जा रहा था। शुक्रवार को हुई बारिश से धान की रोपाई के लिए खेतों की तैयारी शुरू की गई है।
मेजा। मेजारोड चौराहे के पूर्वी क्षोर पर पानी निकासी के लिए बनाया गया नाला पूरी तरह से चोक हो गया है। ऐसे में बारिश का पानी सड़क पर जमा हुआ है। इतना ही नहीं बारिश का पानी कई दुकानों में भी घुस गया है। जिससे कारोबारी परेशान हैं।
वहीं, मेजारोड चौराहे पर हाईवे किनारे साफ-सफाई न होने से नाला चोक हो गया है। कारोबारी पीयूष जायसवाल, गुड्डू केशरी ने बताया कि बारिश का पानी उनके दुकानों में घुस गया। जिससे काफी नुकसान हो गया है।
ग्रामीणों को उमस से मिली राहत
उमस भरी गर्मी से बारिश ने राहत दी है। किसानों के मुताबिक, बारिश से धान की रोपाई में तेजी आएगी और रोपित धान फसल को फायदा मिलेगा। वहीं, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से तमाम गांव की बिजली गुल हो गई। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घूरपुर में मुरादापुर के किसान अनवर अली, हरिहरपुर के प्रेमचंद पटेल आदि ने बताया कि यह बरसात खेती के लिए वरदान से कम नहीं है।
मेजा रोड चौराहे पर नाला चोक होने पर बारिश का पानी सड़क पर हुआ जमा। कई दुकानों में भी घुसा बारिश