इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रदेश सरकार और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मोर्चा खोल चुके वरिष्ठ आईपीएस आधिकारी अमिताभ ठाकुर के समर्थन में प्रतियोगी और छात्र भी उतर आए हैं। सरकार के विरोध में छात्रों का विरोध आंदोलन का रूप लेता भी दिख रहा है। अमिताभ के खिलाफ एफआईआर और निलंबन के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर प्रदर्शन किया। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को कैंडल जुलूस की घोषणा की गई है। जुलूस शाम छह बजे छात्रसंघ भवन से शुरू होकर चंद्रशेखर आजाद पार्क तक जाएगा। प्रतियोगियों और छात्रों ने अमिताभ ठाकुर के समर्थन में निकलने वाले इस जुलूस में आम लोगों से भी शामिल होने की अपील की है।
छात्रसंघ भवन पर प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगियों और छात्रों का कहना था कि ईमानदार अफसरों की जुबान बंद करने के लिए सरकार हर स्तर पर जाने के लिए तैयार दिखाई दे रही है। उनका कहना था कि अमिताभ ठाकुर के खिलाफ प्रदेश सरकार रवैया हमेशा से दुर्भावनापूर्ण रहा है। अब उन्हें रेप के झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उनका कहना था कि प्रदेश में ईमानदार छवि वाले अन्य अफसरों का भी उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके विपरीत भ्रष्ट अफसरों को सरकार का वरदहस्त प्राप्त है। भर्ती संस्थाओं के अध्यक्ष तथा सदस्यों की योग्यता पर सवाल उठने तथा भर्तियों में अनियमितता की बात सामने आने के बाद भी प्रदेश सरकार उन्हें नहीं हटा रही। उन्होंने अमिताभ ठाकुर के खिलाफ हुई कार्रवाई के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करने की घोषणा की। छात्रों और प्रतियोगियों में केंद्र सरकार के खिलाफ भी नाराजगी रही।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अयोध्या सिंह, अवनीश पांडेय का कहना है कि भ्रष्ट अफसरों के समर्थन में खड़े होकर तथा ईमानदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करके प्रदेश सरकार ने मंशा स्पष्ट कर दी है। ऐसी कार्रवाइयों पर वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने बुधवार को शाम छह बजे कैंडल जुलूस की घोषणा की। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद में बैठक कर प्रतियोगी आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे। छात्रसंघ भवन पर प्रदर्शन करने वालाें में अमरेंदु सिंह, अनुभव उपाध्याय, श्रवण जायसवाल, प्रशांत पांडेय, रवि प्रताप सिंह, नवदिव्य कुमार मंगलम, अशोक पांडेय, अनिलेश तिवारी, जाकिर हुसैन आदि शामिल रहे।