पांच महीनों से बकाया मानदेय और कोरोना संदिग्धों को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रोटेक्शन इक्विपमेंट न दिए जाने से नाराज हड़ताल पर गए 108 नंबर एंबुलेंस कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। इसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। इसी सेवा के जरिए कोरोना संदिग्धों को भी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से परेशानी बढ़ गई थी।
108 एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना था कि सितंबर से उनका मानदेय अभी नहीं मिला है। इससे उनके घर का खर्चा नहीं चल पा रहा है। बच्चों की फीस नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार की दोपहर 12 बजे के बाद से काम बंद कर दिया और हड़ताल पर चले गए। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के हाथ पावं फूल गए। जानकारी के मुताबिक देर शाम कर्मचारियों की वार्ता सीएम की अगुवाई में हुई। एजेंसी ने एक महीने का मानदेय तुरंत देने और मार्च का मानदेय आठ अप्रैल तक देने को कहा है। बाकी बकाए मानदेय का भुगतान भी जल्दी ही करने का आश्वासन दिया है। सीएमओ को निर्देश दिया गया है वे एंबुलेंस कर्मचारियों को मास्क, ग्लब्स, सेनेटाइजर आदि चीजें मुहैया कराएंगे। इस पर कर्मचारी मांग गए और काम पर लौट आए हैं।