स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामकृपाल पांडेय की पुत्री कल्याणी देवी 77 साल की उम्र में इलाज और न्याय के लिए दर-दर भटकती रहीं। अस्पताल से भगाए जाने के बाद चलने-फिरने में असमर्थ कल्याणी ने शुक्रवार को डीएम दफ्तर के सामने धरना दिया। इसके बाद पुलिस और स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और एंबुलेंस मंगाकर उन्हें स्वरूपरानी अस्पताल ले जाया गया।
घूरपुर के कांटी गांव की कल्याणी देवी को दो युवक चारपाई पर लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे थे। कल्याणी देवी के पैर में गंभीर चोट लगी थी और पट्टी बंधी थी। कल्याणी देवी का कहना था कि चार जून की रात में कुछ लोगों ने उन पर हमला बोल दिया था। इसमें उन्हें गंभीर चोट आई थी और बेहोश होने के बाद हमलावर वापस हुए थे। उनमें महिलाएं भी शामिल रहीं।
यह भी आरोप था कि उनके बेटे को भी उन्हीं लोगों ने मारा है। उन्होंने घूरपुर थाने में इसकी शिकायत की लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्हें जसरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उन्हें काल्विन रेफर कर दिया गया। कल्याणी देवी का आरोप है कि उनसे यहां इलाज के लिए 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। उन्होंने सीएमओ ऑफिस में शिकायती पत्र भी दिया है।
कल्याणी देवी की मांग है कि पहले उनका इलाज कराया जाए। साथ ही हमला करने के आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। कलक्ट्रेट के सामने दुकान लगाने वालों ने कल्याणी देवी के इस तरह से धरना देने की सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस की सूचना एंबुलेंस भी पहुंच गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।