‘अमर उजाला फाउंडेशन’, ‘भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम’ (एलिम्को) और ऐंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज (एबीआईसी) की ओर से रविवार को आयोजित सबसे बड़े नि:शक्तजन सहायता शिविर में नि:शक्तजनों का सैलाब उमड़ा। इसमेें तकरीबन दस हजार नि:शक्तजन और उनके परिवार वाले जुटे। एबीआईसी परिसर में उमड़े जनसैलाब को एक ही छत के नीचे वह तमाम सुविधाएं मुहैया कराई गईं, जिसके वे हकदार हैं। इस दौरान एलिम्को की टीम ने उपकरण एवं कृत्रिम अंग के लिए सैकड़ों नि:शक्तजनों का रजिस्ट्रेशन एवं चयन किया गया, जिन्हें जल्द ही उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरित किए जाएंगे। वहीं, साढ़े तीन हजार से अधिक नि:शक्तजनों को एक ही काउंटर से रेलवे रियायती पास के लिए प्रमाणपत्र जारी किए गए, जो अब तक का रिकार्ड है।
इसके अतिरिक्त नारायण सेवा संस्थान के शिविर में भी सैकड़ों नि:शक्तजनों की जांच कर उन्हें ऑपरेशन के लिए चुना गया। शिविर में रेलवे ने रियायती पास के लिए चार हजार से अधिक नि:शक्तजनों को फार्म बांटे, जिसमें साढ़े तीन हजार लोगों को कॉल्विन अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने मौके पर ही रेलवे रियायती पास के लिए प्रमाणपत्र जारी किया। वहीं, समाज कल्याण एवं विकलांग कल्याण विभाग के काउंटर में भी 800 से अधिक नि:शक्तजनों ने विकलांग पेंशन के लिए फॉर्म भरकर जमा किए। स्वास्थ्य विभाग के काउंटर में एक हजार से अधिक नि:शक्तजनों की पात्रता की जांच की गई तो नगर निगम और बिजली विभाग के काउंटर पर भी जबर्दस्त भीड़ रही। विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केंद्र के काउंटर पर भी सैकड़ों नि:शक्तनों का रजिस्ट्रेशन करने सहित रोजगार संबंधी जरूरी जानकारी दी गई।