प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने अब तक पीसीएस 2019 और पीसीएस 2020 की प्रारंभिक परीक्षा के कटऑफ अंक एवं उत्तरकुंजी जारी नहीं की है। ऐसे में प्रतियोगी छात्रों की परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। उत्तरकुंजी के मामले में प्रतियोगी छात्रों ने न्यायालय में याचिका दाखिल की है। वहीं कटऑफ अंक जारी कराने के लिए भी छात्र अब कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
प्रारंभिक परीक्षा की उत्तरकुंजी और कटऑफ अंक जारी न होने के कारण छात्र यह नहीं जान पा रहे हैं कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा में कितने सवाल सही और कितने गलत किए थे। प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नों पर छात्रों की आपत्तियों का निस्तारण हुआ या नहीं, यह भी छात्रों को पता नहीं चल पा रहा है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि अगर उत्तरकुंजी समय से जारी कर दी जाए तो छात्रों को आगामी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर ढंग से करने का मौका मिलेगा। प्रारंभिक परीक्षा के कटऑफ अंक जारी न होने के कारण परीक्षा में असफल होने वाले छात्रों को यह भी मालूम नहीं चल पा रहा है कि वे कितने अंकों से पीछे रह गए। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से वर्ष 2019 से पहले की सभी प्रारंभिक परीक्षाओं के कटऑफ अंक एवं प्राप्तांक जारी किए जा रहे थे, लेकिन पीसीएस 2019 और पीसीएस 2020 प्रारंभिक परीक्षा के कटऑफ अंक आयोग ने अभी तक जारी नहीं किए, जबकि इन दोनों परीक्षाओं के अंतिम चयन परिणाम काफी पहले घोषित किए जा चुके हैं। इसके अलावा कई सीधी भर्तियों की स्क्रीनिंग परीक्षा के कटऑफ भी आयोग में जारी नहीं किए हैं। ऐसे में यह भी स्पष्ट नहीं हो रहा है कि आयोग सीधी भर्ती में किस आधार पर स्क्रीनिंग परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुला रहा है। कटऑफ के लिए समिति अब कोर्ट में गुहार लगाएगी।