प्रयागराज। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 565 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने परास्नातक एवं स्नातक में प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र पूरी किए जाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा हर साल मार्च-अप्रैल में कराई जाती है और इस बार स्थिति इतनी खराब है कि अभी प्रवेश प्रक्रिया ही पूरी नहीं की जा सकी है।
कोविड के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय लंबे समय तक बंद रहा और इसी वजह से स्नातक एवं परास्नातक में ऑफलाइन प्रवेश की प्रक्रिया भी ठप हो गई थी। छात्र नेता अजय सम्राट, अनुज, अभिषेक, सुधीर कुमार, आदित्य यादव, अभिषेक सिंह, नवनीत, मनजीत पटेल का कहना है कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी कोविड के कारण ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन लंबे समय तक बंद रहा और कक्षाएं ऑनलाइन मोड में चलती रहीं, लेकिन कहीं भी प्रवेश प्रक्रिया बीच में नहीं रोकी गई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं हर साल मार्च-अप्रैल में होती हैं, लेकिन इस बार सत्र का पिछड़ना तय है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण नुकसान सिर्फ छात्रों का होगा। जब कक्षाओं का संचालन ही शुरू नहीं हो सका है तो परीक्षाएं समय से कैसे आयोजित कराई जा सकेंगी। छात्रों ने मांग की है कि जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए और कक्षाएं समय से संचालित कराई जाएं, ताकि छात्र-छात्राओं का कोर्स समय पूरा हो सके और परीक्षाएं भी सही समय पर कराई जा सकें।