चित्रकूट के एक गांव में नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को महानिदेशक (डीजी) सीबीसीआईडी कोर्ट के समक्ष पेश हुए और उन्होंने घटना के अन्य जिम्मेदार अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने को कहा। उन्होंने कोर्ट से कहा कि मामले में लापरवाही करने वाले पुलिस अफसरों पर भी कार्रवाइ की जाएगी। इस पर कोर्ट ने उनकी आगे से उनकी उपस्थिति को समाप्त कर दिया और मामले में सुनवाई के लिए आगे की तिथि लगा दी।
मामले में कोर्ट ने उन्हें 18 जनवरी को ही तलब किया था, लेकिन उस दिन नेटवर्क कनेक्टिविटी न होने की वजह से वो पेश नहीं हो सके थे। कोर्ट ने उन्हें बृहस्पतिवार को फिर तलब कर लिया था। कोर्ट ने उनसे पूछा कि तलब करने के बाद ही क्यों गिरफ्तारी हुई। सरकारी अधिवक्ता ने जवाब दिया कि प्रक्रिया पहले से चल रही है। डीजी ने कोर्ट से मामले में आगे करवाई में तेजी लाने को की जानकारी दी।
कहा कि मामले में जिम्मेदार पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला चित्रकूट जिले के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाली 17 साल की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया है कि घटना 22/23 अगस्त, 2020 की रात की है।
उसकी नाबालिग लड़की की हत्या कर शव को सहजन के पेड़ में लटकाया गया था, ताकि आत्महत्या का रूप दिया जा सके। याची के प्रार्थना पत्र को तत्कालीन थानाध्यक्ष बहिलपुरवा जयशंकर सिंह ने फाड़ कर फेंक दिया था। इसके बाद दबाव डाल कर दूसरा प्रार्थना पत्र लिखवाया। इसके बाद पंकज पांडेय ने थाने का चार्ज लिया। उसने भी वही काम किया। वह भी आरोपियों से मिल कर काम करने लगा।