प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व न्यायमूर्ति के खाते से पांच लाख रुपये उड़ाने वाले कि जमानत अर्जी खारिज़ कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए गुण-दोष पर बिना टिप्पणी किये जमानत अर्जी के आवेदकों को जमानत पर मुक्त करने का कोई आधार नहीं पाया जाता है। आवेदकों के जमानत आवेदन पत्र बलहीन है। इसलिए ये निरस्त होने के योग्य हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने मामले से जुड़े चार जमानती आवेदन पत्रों को सुनकर दिया है।
घटना 4 दिसम्बर 2020 की थी। मामले में प्रयागराज जिले के कैंट थाने में हाई कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति की ओर से पांच लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।