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शिवकुटी में संवरेगी शिव कचहरी

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शिवकुटी में संवरेगी शिव कचहरी, लगेंगी छतरियां,बनेंगे घाट क्रासर नेपाल नरेश की निशानी को तीर्थाटन की दृष्टि से 15 करोड़ रुपये से सजाने की योजना महावीरपुरी घाट से नारायण आश्रम व सीता नर्सरी तक बनेगी सड़क, पार्किंग का भी निर्माण अमर उजाला ब्यूरो प्रयागराज। नेपाल नरेश की निशानी के तौर पर शिवकुटी में स्थित शिव कचहरी का कायाकल्प कराया जाएगा। मंदिर की भव्यता के साथ ही गंगा घाट का निर्माण और पार्किंग बनाई जाएगी। श्रद्धालुओं के गंगा में डुबकी लगाने और पूजा-ध्यान के लिए लंबी स्टेप्स वाली सीढ़ियां बनेंगी। साथ ही छाया और खूबसूरती के लिए छतरियां लगाई जाएंगी। शिव कचहरी और घाट को चमकाने के लिए पर्यटन विभाग ने 15 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। शिवकुटी में शिव कचहरी का तीर्थाटन की दृष्टि से विकास कराया जाएगा। यहां स्थित महावीरपुरी घाट और सीताराम धाम को पर्यटन मानचित्र पर उभारने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत शिव कचहरी और घाट के सौंदयीकरण का प्रस्ताव पर्यटन महानिदेशक को भेजा गया है। इसके तहत महावीरपुरी घाट के साथ ही पार्किंग का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा महावीरपुरी घाट से नारायण आश्रम होते हुए शिवकुटी सीता नर्सरी तक सड़क निर्माण भी प्रस्तावित है। लंबे स्टेप्स के रूप में घाट के साथ ही पर्यटकों, तीर्थयात्रियों के कुछ वक्त गुजारने, योग-ध्यान करने के लिए छतरियां भी बनाई जाएंगी। यहीं से लगे सीताराम धाम में शिव परिवार, रामदरबार, हनुमान दरबार के अलावा काली, भैरव और मां दुर्गा के भी दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। फिलहाल सीढ़ियां टूटने और जगह-जगह पत्थरों के उखड़ने की वजह से सीताराम धाम घाट की स्थिति दयनीय हो गई है। इस घाट पर गंदगी और चकरा फेंके जाने की वजह से मलमास में भोर में गंगा में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महंत पंकज महाराज बताते हैं कि इस घाट के साथ ही मंदिर मार्ग व परिसर का कायाकल्प होने से भक्तों को बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। पर्यटन विभाग के अनुसार शिवकुटी में नारायण आश्रम परिसर व घाट छठ पूजा के अलावा सावन मेला और गंगा दशहरा का मेला लगता रहा है। कोट शिवकुटी में महावीरपुरी घाट पर स्नान और शिव कचहरी के दर्शन के लिए वर्ष भर में 10 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है। आने वाले समय में यह स्थल तीर्थाटन और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि और विकसित किया जाएगा, ताकि पर्यटकों का ध्यान खींचा जा सके। दिनेश कुमार, उप निदेशक पर्यटन। इनसेट नेपाल नरेश ने 1865 में कराया था निर्माण प्रयागराज। शिवकुटी में शिव कचहरी नेपाल नरेश की निशानी केतौर पर प्रसिद्ध है। गंगा किनारे स्थित शिवकुटी नारायण आश्रम में यह शिव कचहरी देश भर के सनातनधर्मियों की आस्था का केंद्र रही है। वर्ष 1865 में तत्कालीन नेपाल नरेश राज जनरल पदुम जंगबहादुर ने प्रयागराज प्रवास के दौरान यहां आश्रम, मंदिर और शिव कचहरी का निर्माण कराया था। नेपाल नरेश का किला और कोठी मौजूदा समय भी शिवकुटी में मौजूद है। यहां 251 शिवलिंगों की कचहरी के दर्शन और पूजन के लिए देश भर से श्रद्धालु आते रहे हैं।
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