कबीर अकादमी के जरिए कबीर को नजदीक से जान सकेंगे शोधार्थी
- कबीर के जीवन से जुड़ी सभी चीजें दिखेंगी एक छत के नीचे
- म्यूरल गैलरी होगी आकर्षण का केंद्र
- आडिटोरियम में एक साथ बैठ सकेंगे 306 लोग
मोहम्मद आफताब आलम
मगहर। सद्गुरू कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में स्थित कबीर चौरा परिसर में बनाए जा रहे कबीर अकादमी का कार्य प्रगति पर है। कबीर अकादमी के बन जाने शोधार्थी कबीर के बारे में नजदीक से जान सकेंगे। इसके अलावा म्यूरल गैलरी यहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
पर्यटकों को कबीर स्थली की तरफ आकर्षित करने के लिए परिसर में पर्यटन विभाग व पुरातत्व विभाग की तरफ से विभिन्न विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।लोग कबीर के जीवन को पढ़ सकें,अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें, इसके लिए 28 जून 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 करोड़ 59 लाख की लागत से बन रहे कबीर अकादमी की आधार शिला रखी थी। जिसका कार्य प्रगति पर है।आवास विकास के अंतर्गत निर्माण कार्य करा रही एसएन एंड कंट्रक्शन कंपनी के अवर अभियंता संतोष यादव ने बताया कि कबीर अकादमी का निर्माण कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। जिसमें आडिटोरियम में 306 सीटें हैं। दस महिला और दस पुरूष के रहने के लिए हॉस्टल है। टाइप वन के चार फ्लैट,टाइप फोर का एक फ्लैट, पार्क,रोड, मेंटेनेंस, ड्रेन,टाइप टू के दो फ्लैट,टाइप तीन के एक फ्लैट,किचेन,पेंट्री,वार्डेन रूम,स्टोर रूम,कॉमन रूम,डाइनिंग हाल बनाया जा रहा है। म्यूरल गैलरी में सूफी संत कबीर के जीवन से संबंधित 30 चित्रण और लाइब्रेरी बन रही है। भवन बनकर तैयार है। इसमें सिर्फ दरवाजे,पेंटिंग का कार्य शेष है। फर्स बनाने का काम हो रहा है।
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मार्च 2021 में तैयार हो जाएगी कबीर अकादमी ः प्रोजक्टर मैनेजर
कार्यदाई संस्था आवास विकास के प्रोजेक्ट मैनेजर रवि खरवार ने बताया कि अगर समय से पैसा रिलीज हो गया तो कबीर अकादमी का निर्माण कार्य मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। भवन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।फिनिशिंग का कार्य हो रहा है। इसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के साथ ही, इसे प्राचीन लुक भी देने की कोशिश की गई है।
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मठ से शोधार्थियों को दी जाएगी सुविधाएंः महंत विचार दास
कबीर चौरा के महंत विचार दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर ने सर्वसमाज को एक धागे में पिरोने का कार्य किया था।उनके कहे हुए एक- एक शब्द को आत्मसात कर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। सद्गुरु कबीर के जीवन के बारे में शोध कर रहे छात्रों को कबीर अकादमी बन जाने से काफी सुविधाएं मिलेंगी।सद्गुरु कबीर के जीवन को यहां रहकर नजदीक से जानने का अवसर प्राप्त होगा। मठ से सभी शोधार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।इसमें आध्यात्मिक व साहित्यिक दोनों तरह की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। अधिक से अधिक किताबे उपलब्ध रहेंगी।संत महात्मा,पर्यटकों को साहित्यिक ,आध्यात्मिक जानकारी हासिल कर सकेंगे।सद्गुरु कबीर ने अनुभव ज्ञान को प्राथमिकता दी है।जिससे समाज को लाभ मिल सके और समाज में बदलाव ला सके।