प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के छात्रसंघ भवन के सामने शुक्रवार को कृषि विधेयक का विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसा दीं। विभिन्न संगठनों के ३० से अधिक छात्रों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। छात्रों पर हुई इस कार्रवाई की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है। कृषि विधेयक के मुद्दे पर शुक्रवार सुबह ११ बजे इविवि छात्रसंघ भवन के सामने सभा बुलाई गई थी। इसमें एनएसयूआई, समाजवादी छात्रसभा, आइसा, एसएफआई के छात्र नेता शामिल हुए।
बालसन चौराहे और सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। छात्र बालसन चौराहे पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए जैसे ही आगे बढ़े, पुलिस ने छात्रसंघ भवन के सामने मुख्य गेट बंद करा दिया। तमाम छात्र गेट के ऊपर से कूदकर बाहर सडक़ पर आ गए। छात्र आगे बढऩे लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। दोनों तरफ से धक्कामुक्की शुरू हो गई और पुलिस ने लाठियां चला दीं। इसमें एनएसयूआई पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कपड़े फट गए और उन्हें हल्की चोट आई। पुलिस की कार्रवाई से वहां अफरातफरी मच गई।
पुलिस ने अखिलेश यादव समेत एनएसयूआई के अक्षय क्रांतिवीर, जितेश मिश्र, सत्यम कुशवाहा, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पासवान समेत ३० से अधिक छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। आंदोलन में एसएफआई के विकास स्वरूप समेत अन्य छात्र संगठनों के कई छात्र नेता भी शामिल रहे। उधर, युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा और कृषि विधेयक को वापस लिए जाने की मांग की है।