इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में कूलर लगाए जाने पर प्रति छात्र 1500 रुपये चार्ज लगाए जाने से परेशान छात्रों ने बुधवार को कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू ने मुलाकात की। छात्रों ने कुलपति से कहा कि छात्रावास की फीस में प्रति छात्र बिजली के मद में 8000 रुपये वसूला जाता है। जब छात्र नामांकन के समय 10 महीने के लिए आठ हजार रुपये देते हैं तो कूलर के लिए अलग से भुगतान करना उचित नहीं है। छात्रों ने कुलपति से कहा कि उनकी पारिवारिक स्थिति ऐसी नहीं कि वह कूलर के लिए हर महीने 1500 रुपये का अलग से भुगतान करें। छात्रों का कहना था कि बिना कूलर के छात्रावास में रहना मुश्किल है। कुलपति प्रो. हांगलू ने छात्रों की बात सुनने के बाद उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि विवि कूलर के लिए किसी छात्र से 1500 रुपये नहीं वसूल करेगा। इस मसले का समाधान किया जाएगा।
इविवि के छात्रावासों में कूलर और हीटर से बिजली की बड़ी खपत होती है, कई छात्रावासों में प्रति छात्र आठ हजार रुपये से अधिक खपत होती है, इसी कारण से कई छात्रावासों में लाखों रूपए का बिजली का बिल बकाया है। ऐसे में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का मानना था कि छात्रों को ही बिजली बिल का भुगतान करना चाहिए। जिससे एक ओर जहां वे सीमित रुप से बिजली का उपभोग करेंगे वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि किसी भी सूरत में विश्वविद्यालय कूलर के लिए प्रति माह 1500 रुपये की राशि नहीं लेगा। संभावना है कि 1500 रुपये प्रति माह की प्रस्तावित राशि की जगह छात्रावास वासियों से 300 या 400 रुपये मासिक शुल्क लिया जाए। कुलपति से मिलने वाले छात्रों में सौरभ मिश्र, शाश्वत शुक्ल, कुंवर साहब सिंह, साकेत दुबे, जैनेन्द्र यादव, सौरभ मिश्र शामिल रहे।