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Allahabad University Violence : बवाल के बाद ट्विटर के टॉप 15 में ट्रेंड करता रहा इलाहाबाद विश्वविद्यालय

Tue, 20 Dec 2022 01:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

छात्रों की पिटाई के बाद हुए बवाल की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा रही। आलम यह रहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय सोमवार को ट्विटर के टॉप ट्रेंडिंग टॉपिकों में शामिल रहा।
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ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा इलाहाबाद विवि। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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छात्रों की पिटाई के बाद हुए बवाल की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा रही। आलम यह रहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय सोमवार को ट्विटर के टॉप ट्रेंडिंग टॉपिकों में शामिल रहा। इस संबंध में कुल 5196 ट्वीट रात 12 बजे तक किए जा चुके थे। राज्यसभा सांसद और इविवि के पूर्व छात्र कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट किया। घटना से संबंधित वीडियो ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा कि पंडित मोतीलाल नेहरू, मदन मोहन मालवीय जैसी विभूतियां देने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय का हाल यह है।

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चीफ प्रॉक्टर की शह पर हमले का आरोप
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रों पर हुए हमले के मामले में छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि चीफ प्रॉक्टर की शह पर गार्डों ने छात्रों पर हमला किया। वहीं, छात्र संगठनों ने पूरे मामले में चीफ प्रॉक्टर और दोषी गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इविवि में बवाल के दौरान भी कई छात्र पुलिस अफसरों से कह रहे थे कि फीस वृद्धि और छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार ने कई छात्रों के प्रवेश निरस्त कर दिए और कई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। छात्रों ने आरोप लगाया कि गार्डों ने चीफ प्रॉक्टर के इशारे पर ही हमला किया है।

उधर, आइसा ने इस मामले की निंदा करते हुए चीफ प्रॉक्टर और इविवि के सुरक्षा गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आइसा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुलपति विश्वविद्यालय को बुलेट और बूट के दाम पर चलाना चाहती हैं, जिसे यहां के छात्र कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। आइसा की इविवि इकाई के सचिव मनीष कुमार ने छात्रों पर हुए जानलेवा हमने की निंदा की है।


दिशा छात्र संगठन ने भी छात्रों पर हुए हमले की निंदा की है और इसके लिए चीफ प्रॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके निलंबन की मांग की है। संगठन के अविनाश ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर को पूरी तरह से कैदखाना में बदलने की कोशिश कर रहा है। मनमाने तरीके से दरवाजों पर ताला जड़ दिया जा रहा है। अगर हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और तेज होगा। वहीं, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा ने भी छात्रों पर हमले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छवि पर पड़ेगा बुरा असर : रीता जोशी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों की पिटाई के बाद हुए बवाल पर सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि घटना से विश्वविद्यालय की छवि पर बुरा असर पड़ेगा। सांसद ने कहा कि छात्र विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। लेकिन विवि प्रशासन की ओर से उनसे वार्ता नहीं की गई। यह वार्ता की गई होती तो शायद यह घटना न होती। सुरक्षा कर्मियों की ओर से फायरिंग करना भी गलत है। छात्रों की समस्या का समाधान सिर्फ वार्ता से ही किया जाना चाहिए। छात्रों का भी कर्तव्य है कि वह विश्वविद्यालय की संपत्ति की रक्षा करें, वहं तोड़फोड़ करना गलत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक बदलाव कर रही है।  
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छात्रों की पिटाई का वीडियो भी सामने आया
घटना के कुछ देर बाद ही छात्रों की पिटाई का वीडियो भी सामने आ गया। इसमें यूनियन हाल गेट के पास सुरक्षागार्ड छात्रों पर लाठियां बरसाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान छात्र बचने के लिए इधर उधर भागते भी दिखाई दे रहे हैं। जिस वक्त यह घटना हुई, गेट बंद था। इसी दौरान बाहर मौजूद किसी शख्स ने मोबाइल से छात्रों की पिटाई का वीडियो बना लिया। इस दौरान वह यह कहता भी सुनाई दे रहा है कि देखिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में किस तरह छात्रों को पीटा जा रहा है। वीडियो में अगले ही पल कुछ युवक गेट खोलकर भीतर जाते और सुरक्षा गार्डों को ईंट-पत्थर मारकर खदेड़ते हुए भी नजर आते हैं। 
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