शिक्षक-छात्र अनुपात के साथ सुधरेगी रैंकिंग
इविवि में नए शिक्षकों की नियुक्ति होने से शिक्षक-छात्र अनुपात के साथ विश्वविद्यालय की एनआईआरएफ रैंकिंग सुधरने की उम्मीद भी बढ़ी है। इस बार इविवि एनआईआरएफ रैंकिंग में टॉप 200 शिक्षण संस्थानों में भी जगह नहीं बना सका। शिक्षक-छात्र अनुपात सुधरने के साथ ही नए शिक्षकों के आने से शोध पत्रों के प्रकाश की संख्या तेजी से बढ़ेगी। कक्षाओं का संचालन नियमित रूप से हो सकेगा, शोध में तेजी आएगी और छात्रों को भी बेहतर गाइडेंस मिलेगा। विश्वविद्यालय में पिछले सात महीनों के दौरान 14 विषयों में 164 नियुक्तियां की गईं हैं।
कई नए शिक्षकों को विश्वस्तरीय फेलोशिप
इविवि में जिन नए शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, उनमें से अधिकतर ने आईआईटी एवं एनआईटी जैसे संस्थानों से अपनी शिक्षा पूरी की है। विश्वविद्यालय की पीआरओ डॉ. जया कपूर के अनुसार कई नवनियुक्त शिक्षकों को रामानुजन एवं हमबोल्डट जैसी विश्वस्तरीय फेलोशिप मिली है और अमेरिका, जर्मनी, कोरिया, जापान, सिंगापुर, थाईलैंड, आयरलैंड, फ्रांस एवं यूके के सर्वोत्तम संस्थानों में कार्यरत रहे हैं। ये शिक्षक अपने विषयों के नवीनतम क्षेत्रों में शोध कर रहे हैं।